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एक करोड़ से हुए कार्यों की जांच की मांग

Tue, 03 May 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट Updated Tue, 03 May 2016 12:23 AM IST
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Sought to examine the actions of one crore
जांच - फोटो : demopic

लघु डाल नहर विभाग के करीब एक करोड़ रुपये से कराए गए कार्यों की जांच की मांग उठी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार फोरम के महासचिव एसआर कश्यप ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर गोदाम निर्माण व सिल्ट सफाई के काम में घोर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता की माने तो मंडलायुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच कराने के लिए डीएम को निर्देशित किया है।

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राष्ट्रीय मानवाधिकार फोरम के महासचिव एसआर कश्यप ने मंडलायुक्त को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि चिल्लीमल पंप कैनाल में हो रहे लगभग 50 लाख के गोदाम निर्माण का टेंडर नहीं निकाला गया और अधिकारियों ने एक चहेते ठेकेदार से दो-दो लाख का बांड भरवाकर कार्य का ठेका दे दिया।
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निर्माण कार्य में भी मानक की अनदेखी हुई है। बेहद कच्चा निर्माण कराया गया है। जिसकी मौके पर जाकर जांच की जा सकती है। यह भी आरोप लगा कि विभाग ने सिल्ट सफाई का काम कहीं नहीं कराया। सिर्फ कागजों पर सिल्ट सफाई दिखाकर लाखों का हेरफेर किया गया।
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इसका प्रत्यक्ष उदाहरण शहर के आसपास बनी नहरें हैं। जिनमे कभी सफाई नहीं हुई और अब तो इनमेें पानी भी आना बंद हो चुका है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले में मंडलायुक्त ने चित्रकूट डीएम को पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।


उधर, लघु डाल नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता अजय मेहरोत्रा ने बताया कि निर्माण कार्य विभाग नहीं करा रहा, बल्कि अन्य कार्यदायी संस्था करा रही हैं। किसी भी ठेकेदार को बगैर टेंडर काम नहीं दिया गया। सभी आरोप गलत हैं। जिसकी जांच कराई जा सकती है।

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