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वनवासी राम के थीम के आधार पर कलाकरों ने प्रस्तुती करण किया
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धर्मनगरी चित्रकूट में रामायण कान्क्लेव में श्रीराम कथा पर आधारित रामलीला का मंचन करते कलाकार। ?
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट/खोही। जनजन के राम रामायण कान्क्लेव कार्यक्रम में दूसरे दिन वनवासी राम के थीम के आधार पर कलाकारों ने प्रस्तुती करण किया। जिसमें लोकनृत्य व भजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र की लीला प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे बताया गया कि भगवान राम की संस्कृति से सभी को जोड़ने के लिए यह कार्यक्रम किया गया है।
उत्तर प्रदेश संस्कृतिक विभाग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अयोध्या शोध संस्थान की तरफ से धर्मनगरी स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन कलाकार डा. विशेष मिश्र व रत्नेश दबे व लल्लू राम ने भजन प्रस्तुत किया। प्रियंका मणि ने पखावज वादन, व बीना श्रीवास्तव ने ढिंढिया लोक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही रामधीन आर्य का लांगुरिया ढिबरी एवं चंगोलिया व सत्यपथ ने खंजड़ी लोक नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डा लवकुश द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश मेें भगवान श्रीराम से जुड़े 16 तीर्थ स्थानों मेें जन जन रामायण कांक्लेव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जिसमें चित्रकूट में वनवासी राम थीप के आधार पर दो दिवसीय कार्यक्रम किया गया। संस्कृति विभाग व उत्तर प्रदेश सरकार की ऐसी मंशा है कि जनजन को राम से जोड़ा जाये। राम की संस्कृति से परिचय कराया जाये। इसके साथ ही कार्यक्रम का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक कलाकारों व विद्धानों को अवसर मिले। इस मौके पर डा. विनोद मिश्र, डा. ज्योति वैष्णव,डा. किरण त्रिपाठी, एसपी मिश्रा, भाजपा नेता आनंद पटेल, डा राकेश द्विवेदी डा. नीतू तिवारी आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश संस्कृतिक विभाग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अयोध्या शोध संस्थान की तरफ से धर्मनगरी स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन कलाकार डा. विशेष मिश्र व रत्नेश दबे व लल्लू राम ने भजन प्रस्तुत किया। प्रियंका मणि ने पखावज वादन, व बीना श्रीवास्तव ने ढिंढिया लोक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही रामधीन आर्य का लांगुरिया ढिबरी एवं चंगोलिया व सत्यपथ ने खंजड़ी लोक नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम में अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डा लवकुश द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश मेें भगवान श्रीराम से जुड़े 16 तीर्थ स्थानों मेें जन जन रामायण कांक्लेव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जिसमें चित्रकूट में वनवासी राम थीप के आधार पर दो दिवसीय कार्यक्रम किया गया। संस्कृति विभाग व उत्तर प्रदेश सरकार की ऐसी मंशा है कि जनजन को राम से जोड़ा जाये। राम की संस्कृति से परिचय कराया जाये। इसके साथ ही कार्यक्रम का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक कलाकारों व विद्धानों को अवसर मिले। इस मौके पर डा. विनोद मिश्र, डा. ज्योति वैष्णव,डा. किरण त्रिपाठी, एसपी मिश्रा, भाजपा नेता आनंद पटेल, डा राकेश द्विवेदी डा. नीतू तिवारी आदि मौजूद रहे।

धर्मनगरी चित्रकूट में रामायण कान्क्लेव में दिवारी नृत्य प्रस्तुत करती टीम के सदस्य। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

Presentations of Ramayana era captivated everyone- फोटो : CHITRAKOOT
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