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पुलिस कर्मियों ने गर्भवती को पीटा!
ब्यूरो/ अमर उजाला चित्रकूट
Updated Thu, 14 May 2015 12:04 AM IST
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लोढ़वारा कालोनी निवासी एक महिला ने कर्वी उपजिलाधिकारी नरेंद्र सिंह को पत्र भेजकर तीन पुलिस कर्मियों पर उसे, उसकी गर्भवती पुत्री और दामाद के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जब उसके परिजनों ने इसका विरोध किया तो फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।
रुखसाना पत्नी अतीक ने बताया कि मंगलवार रात लगभग साढ़े बारह बजे तीन पुलिस वाले नशे में उसके घर पहुंचे और उसे लात घूंसों से पीटने लगे। उसकी चीख सुनकर गर्भवती पुत्री और दामाद उसे बचाने पहुंचे तो पुलिस वालों ने उन्हें भी पीटा। पुलिसकर्मियों ने उसकी पुत्री के पेट पर बटों से मारा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। जब उन लोगों ने इसकी शिकायत की बात कही तो पुलिस कर्मियों ने उन लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। उसने पुत्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
उसने इस संबंध में अधिकारियों को पत्र भेजकर दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में सीओ सिटी श्रीपाल यादव ने कहा कि वह इस समय कांबिंग में हैं। उनको जानकारी नहीं है, लौटकर पता करेंगे और जांच करा उचित कार्रवाई की जाएगी।
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आरटीआई के तहत जानकारी मांगी
आरटीआई कार्यकर्ता महेंद्र कुमार ओबेराय गुलाटी ने अपर पुलिस अधीक्षक से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जिले में विभिन्न वाहनों के चालान की जानकारी मांगी है। उसने पूछा है कि किस शासनादेश के तहत वाहनों का चालान किया जाता है। किसके आदेश से चालान किया जाता है। यातायात प्रभारी को कब से और किस आदेश से चालान करने का अधिकार है। इन्होंने अब तक कितने चालान किए हैं।
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रुखसाना पत्नी अतीक ने बताया कि मंगलवार रात लगभग साढ़े बारह बजे तीन पुलिस वाले नशे में उसके घर पहुंचे और उसे लात घूंसों से पीटने लगे। उसकी चीख सुनकर गर्भवती पुत्री और दामाद उसे बचाने पहुंचे तो पुलिस वालों ने उन्हें भी पीटा। पुलिसकर्मियों ने उसकी पुत्री के पेट पर बटों से मारा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। जब उन लोगों ने इसकी शिकायत की बात कही तो पुलिस कर्मियों ने उन लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। उसने पुत्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
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उसने इस संबंध में अधिकारियों को पत्र भेजकर दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में सीओ सिटी श्रीपाल यादव ने कहा कि वह इस समय कांबिंग में हैं। उनको जानकारी नहीं है, लौटकर पता करेंगे और जांच करा उचित कार्रवाई की जाएगी।
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आरटीआई के तहत जानकारी मांगी
आरटीआई कार्यकर्ता महेंद्र कुमार ओबेराय गुलाटी ने अपर पुलिस अधीक्षक से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जिले में विभिन्न वाहनों के चालान की जानकारी मांगी है। उसने पूछा है कि किस शासनादेश के तहत वाहनों का चालान किया जाता है। किसके आदेश से चालान किया जाता है। यातायात प्रभारी को कब से और किस आदेश से चालान करने का अधिकार है। इन्होंने अब तक कितने चालान किए हैं।