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Chitrakoot News: अच्छी बारिश से तेज हुई धान की रोपाई व अन्य फसलों की बोआई
Tue, 21 Jul 2026 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:32 PM IST
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फोटो 21 सीकेटीपी 14 दुर्गा पुरवा में धान लगाती महिलाएं। संवाद
चित्रकूट। अच्छी बारिश के बाद धान की रोपाई और अन्य फसलों की बोआई के काम शुरू हो गए हैं। इससे कृषि विभाग की ओर से तय लक्ष्य पूरा होने की संभावना बढ़ गई है। मानसून देर से आने के कारण बोआई का कार्य पहले पिछड़ गया था लेकिन पिछले दो दिनों से मानसून सक्रिय होने के बाद किसान धान की रोपाई के साथ ही अन्य फसलों की बोआई में जुट गए हैं।
प्रगतिशील किसान शिवकुमार ने बताया कि अच्छी बारिश से जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, उन्होंने रोपाई शुरू कर दी है। किसान शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मानसून देर से आने के कारण कई किसानों ने कम पानी वाली फसल की बोआई की है। हालांकि अभी बोआई के लिए पर्याप्त समय बचा है।
किसान यदुराज सिंह ने बताया कि पिछले साल उन्होंने केवल धान की फसल की थी, इस बार बाजरा की भी बोआई की है। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि चित्रकूट की जलवायु कम बारिश वाली फसलों के लिए उपयुक्त है। एक समय यहां के किसान तिल, बाजरा, ज्वार और अरहर की खेती करते थे लेकिन अब धान की फसल ज्यादा पैदा की जाने लगी है, जिसमें पानी अधिक लगता है।
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70 प्रतिशत बोआई होने का दावा
जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि खरीफ की फसल की बोआई के लिए 83321 हेक्टेअर का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें धान 24842, ज्वार 3022, बाजरा 11779, मक्का 832, अरहर 27790, तिल 10019 हेक्टेअर में बोआई का लक्ष्य रखा गया है। बताया अभी तक 70 प्रतिशत फसल की बोआई हो गई है।
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प्रगतिशील किसान शिवकुमार ने बताया कि अच्छी बारिश से जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, उन्होंने रोपाई शुरू कर दी है। किसान शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मानसून देर से आने के कारण कई किसानों ने कम पानी वाली फसल की बोआई की है। हालांकि अभी बोआई के लिए पर्याप्त समय बचा है।
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किसान यदुराज सिंह ने बताया कि पिछले साल उन्होंने केवल धान की फसल की थी, इस बार बाजरा की भी बोआई की है। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि चित्रकूट की जलवायु कम बारिश वाली फसलों के लिए उपयुक्त है। एक समय यहां के किसान तिल, बाजरा, ज्वार और अरहर की खेती करते थे लेकिन अब धान की फसल ज्यादा पैदा की जाने लगी है, जिसमें पानी अधिक लगता है।
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70 प्रतिशत बोआई होने का दावा
जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि खरीफ की फसल की बोआई के लिए 83321 हेक्टेअर का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें धान 24842, ज्वार 3022, बाजरा 11779, मक्का 832, अरहर 27790, तिल 10019 हेक्टेअर में बोआई का लक्ष्य रखा गया है। बताया अभी तक 70 प्रतिशत फसल की बोआई हो गई है।