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Chitrakoot News: मंदाकिनी में उफान, रामघाट डूबा, आधी दुकानें डूबीं
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फोटो 17 सीकेटीपी 05 मंदाकिनी में आई बाढ़ से रामघाट का दृश्य। संवाद
फोटो 17 सीकेटीपी 05 मंदाकिनी में आई बाढ़ से रामघाट का दृश्य। संवाद
फोटो 17 सीकेटीपी 06 आरोग्यधाम में पुल के ऊपर बहता पानी। संवाद
-खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पानी, नागपंचमी पर श्रद्धालु लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मध्य प्रदेश में मूसलाधार वर्षा के कारण मंदाकिनी नदी सोमवार को एक बार फिर उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और दोपहर 11 बजे खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गया। दोपहर 3:15 बजे यह 127.50 मीटर पर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है।
जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत सभी घाट पानी में डूब गए। कई दुकानें बाढ़ के पानी से आधी डूब गईं और नदी में नौकायन भी बंद रहा। नागपंचमी पर श्रद्धालु रामघाट पर स्नान के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें घाट पर जाने से रोक दिया। श्याम लाल सोनी और सूरज गुप्ता जैसे श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा। रामघाट की सभी दुकानें बंद हो गईं।
जिला मुख्यालय के स्फटिक शिला और जानकीकुंड के घाटों पर भी पानी सीढ़ियों के ऊपर तक आ गया। आरोग्यधाम में पुल के ऊपर से मंदाकिनी नदी बह रहा है। स्थानीय लोगों ने शाम तक पानी और बढ़ने की आशंका जताई है।
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नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यूपी और एमपी के जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। एमपी क्षेत्र में नदी का पानी आरोग्यधाम परिसर में बने पुल के ऊपर से बह रहा है। पुलिस ने श्रद्धालुओं को रामघाट जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।
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जलस्तर में उतार-चढ़ाव
सिंचाई विभाग के अनुसार, मंदाकिनी का सामान्य जलस्तर 123.500 मीटर है। अधिशासी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि यह दिन का अधिकतम जलस्तर था। हालांकि, इस उच्चतम स्तर के बाद जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो गई।
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फोटो 17 सीकेटीपी 06 आरोग्यधाम में पुल के ऊपर बहता पानी। संवाद
-खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पानी, नागपंचमी पर श्रद्धालु लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मध्य प्रदेश में मूसलाधार वर्षा के कारण मंदाकिनी नदी सोमवार को एक बार फिर उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और दोपहर 11 बजे खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गया। दोपहर 3:15 बजे यह 127.50 मीटर पर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है।
जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत सभी घाट पानी में डूब गए। कई दुकानें बाढ़ के पानी से आधी डूब गईं और नदी में नौकायन भी बंद रहा। नागपंचमी पर श्रद्धालु रामघाट पर स्नान के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें घाट पर जाने से रोक दिया। श्याम लाल सोनी और सूरज गुप्ता जैसे श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा। रामघाट की सभी दुकानें बंद हो गईं।
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जिला मुख्यालय के स्फटिक शिला और जानकीकुंड के घाटों पर भी पानी सीढ़ियों के ऊपर तक आ गया। आरोग्यधाम में पुल के ऊपर से मंदाकिनी नदी बह रहा है। स्थानीय लोगों ने शाम तक पानी और बढ़ने की आशंका जताई है।
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नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यूपी और एमपी के जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। एमपी क्षेत्र में नदी का पानी आरोग्यधाम परिसर में बने पुल के ऊपर से बह रहा है। पुलिस ने श्रद्धालुओं को रामघाट जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।
जलस्तर में उतार-चढ़ाव
सिंचाई विभाग के अनुसार, मंदाकिनी का सामान्य जलस्तर 123.500 मीटर है। अधिशासी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि यह दिन का अधिकतम जलस्तर था। हालांकि, इस उच्चतम स्तर के बाद जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो गई।

फोटो 17 सीकेटीपी 05 मंदाकिनी में आई बाढ़ से रामघाट का दृश्य। संवाद