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Chitrakoot News: मंदाकिनी खतरे के निशान से 2.5 मीटर ऊपर
Wed, 02 Sep 2026 11:25 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:25 PM IST
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02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद
- फोटो : संवाद
चित्रकूट। मध्य प्रदेश व पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से धर्मनगरी में मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर है।
जिले में करीब 80 मिलीमीटर बारिश व सतना के डैम से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब ढाई मीटर ऊपर पहुंच गया है। मंदाकिनी 129 मीटर से ऊपर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 126.50 मीटर है। इस साल तीसरी बार नदी के उफान ने रामघाट और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
रातभर व बुधवार दिन में हो रही बारिश के चलते मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा। सुबह कुछ देर पानी कम हुआ, लेकिन इसके बाद फिर जलस्तर में करीब ढाई मीटर की बढ़ोतरी हो गई। रामघाट के आसपास की दुकानों में पानी भर गया। घाट से सटे उतारा बाजार में बाढ़ के बाद गंदगी के ढेर लगे हैं। सड़क और आसपास के इलाकों में पानी व कीचड़ के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के बीच नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। लोगों के घर और रोजी-रोटी दोनों बाढ़ की चपेट में हैं।
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दुकानें बंद, अब घर बचाने की चिंता
उतारा बाजार के स्थानीय निवासी दयाशंकर, रामकिशोर और ममता देवी ने बताया कि मंदाकिनी में बाढ़ आने पर पानी घरों तक पहुंच जाता है। इससे परेशानी दोगुनी हो जाती है। बाढ़ में दुकानें पहले ही बंद हो चुकी हैं। अब घर छोड़कर कहां जाएं। लोगों का कहना है कि वह इस उम्मीद में घरों में रुके हैं कि पानी जल्द कम होगा और वह वापस अपने काम-धंधे पर लौट सकेंगे। बताया कि घर से चले जाएं और चोरी हो जाए जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। ऐसे मौके पर चोर अक्सर अपना काम कर देते हैं।
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रैन बसेरा जाने से इन्कार, घरों में बांधे मवेशी
चित्रकूट। मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन लोगों को सतर्क कर रहा है। घाट किनारे रहने वाले परिवारों से घर खाली कर सुरक्षित स्थान और रैन बसेरों में जाने की अपील करने में जुटा है। इसके बाद भी रामघाट क्षेत्र के 100 से अधिक परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
बाढ़ की स्थिति में कई घर पूरी तरह पानी में डूब जाते हैं और केवल छत दिखाई देती है। इसके बाद भी लोग अपने घरों में ही टिके हुए हैं। घाट किनारे कुछ परिवारों ने मवेशी भी बांध रखे हैं। ऐसे में जलस्तर और बढ़ने पर लोगों के साथ पशुओं की सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है। (संवाद)
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जिले में करीब 80 मिलीमीटर बारिश व सतना के डैम से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब ढाई मीटर ऊपर पहुंच गया है। मंदाकिनी 129 मीटर से ऊपर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 126.50 मीटर है। इस साल तीसरी बार नदी के उफान ने रामघाट और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
रातभर व बुधवार दिन में हो रही बारिश के चलते मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा। सुबह कुछ देर पानी कम हुआ, लेकिन इसके बाद फिर जलस्तर में करीब ढाई मीटर की बढ़ोतरी हो गई। रामघाट के आसपास की दुकानों में पानी भर गया। घाट से सटे उतारा बाजार में बाढ़ के बाद गंदगी के ढेर लगे हैं। सड़क और आसपास के इलाकों में पानी व कीचड़ के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के बीच नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। लोगों के घर और रोजी-रोटी दोनों बाढ़ की चपेट में हैं।
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दुकानें बंद, अब घर बचाने की चिंता
उतारा बाजार के स्थानीय निवासी दयाशंकर, रामकिशोर और ममता देवी ने बताया कि मंदाकिनी में बाढ़ आने पर पानी घरों तक पहुंच जाता है। इससे परेशानी दोगुनी हो जाती है। बाढ़ में दुकानें पहले ही बंद हो चुकी हैं। अब घर छोड़कर कहां जाएं। लोगों का कहना है कि वह इस उम्मीद में घरों में रुके हैं कि पानी जल्द कम होगा और वह वापस अपने काम-धंधे पर लौट सकेंगे। बताया कि घर से चले जाएं और चोरी हो जाए जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। ऐसे मौके पर चोर अक्सर अपना काम कर देते हैं।
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रैन बसेरा जाने से इन्कार, घरों में बांधे मवेशी
चित्रकूट। मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन लोगों को सतर्क कर रहा है। घाट किनारे रहने वाले परिवारों से घर खाली कर सुरक्षित स्थान और रैन बसेरों में जाने की अपील करने में जुटा है। इसके बाद भी रामघाट क्षेत्र के 100 से अधिक परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
बाढ़ की स्थिति में कई घर पूरी तरह पानी में डूब जाते हैं और केवल छत दिखाई देती है। इसके बाद भी लोग अपने घरों में ही टिके हुए हैं। घाट किनारे कुछ परिवारों ने मवेशी भी बांध रखे हैं। ऐसे में जलस्तर और बढ़ने पर लोगों के साथ पशुओं की सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है। (संवाद)

02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद- फोटो : संवाद

02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद- फोटो : संवाद

02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद- फोटो : संवाद

02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद- फोटो : संवाद

02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद- फोटो : संवाद

02 सीकेटीपी-10-लोगों को घर निकलने के लिए अपील करती पुलिस। संवाद- फोटो : संवाद