चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने सोमवार को गोद लिए गए गोवंश आश्रय स्थलों पर पाई गई कमियों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा बैठक की। कहा कि जिन नोडल अधिकारियों ने रिपोर्ट अभी तक नहीं दी है उनसे जवाब तलब किया जाए। अगर तीन दिन के अंदर नहीं भेजते हैं तो इस माह का वेतन रोकें।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में गोशाला संचालित की जा रही हैं उन पर सभी व्यवस्थाएं रहे तथा क्षमता के मुताबिक गोवंश रखे। भरण-पोषण की अच्छी व्यवस्था कराएं तथा प्रतिदिन गोवंश व्यवस्था की फोटोग्राफी हो और कितने गोवंश है उसको रजिस्टर में अंकित करें। टीन शेड को तीन तरफ से ढक कर रखें। नोडल अधिकारी वहां पर संबंधित कर्मचारियों को 24 घंटे रखें तथा सभी नोडल अधिकारी ग्राम वासियों के साथ गौशाला संचालन के संबंध में गोशाला स्थल पर ही बैठक करें और गांव के लोगों को जागरूक करें। जिन गोशालाओं में चरवाहे लगे हैं उनकी भी तत्काल व्यवस्था कराएं। ग्राम पंचायत स्तर के सरकारी कर्मचारियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाएं। किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। बैठक में सीडीओ डा महेन्द्र कुमार, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।