{"_id":"64f226ff172af04e6a01cef8","slug":"kajali-festival-folk-songs-played-crowd-of-women-gathered-chitrakutt-news-c-215-1-sknp1043-1348-2023-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"कजली महोत्सव: लोक गीनों की धूम, उमड़ी महिलाओं की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कजली महोत्सव: लोक गीनों की धूम, उमड़ी महिलाओं की भीड़
Fri, 01 Sep 2023 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 01 Sep 2023 11:31 PM IST
विज्ञापन
खोही(चित्रकूट)। धर्मनगरी में मंदाकिनी नदी किनारे राघव घाट में धूमधाम से कजली महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शोभायात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाएं कजलियां लेकर शामिल हुईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
हर वर्ष की तहर इस बार भी मंदाकिनी नदी के तट पर कजली महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन चित्रकूट के नया गांव के राजा परिवार के माध्यम से किया गया। सतना, महोबा व हमीरपुर सहित पन्ना के कलाकारों ने आल्हा ऊदल के वीरता पर आधारित गीत प्रस्तुत किए। सतना से आई कलाकार कोमल व कंचन ने आल्हा ऊदल के कई वीरता के गीत प्रस्तुत किए।
वीर ने कर दियो कमाल, छूट गए अच्छे-अच्छे के पसीने सहित बुंदेलखंड की नारी लक्ष्मी बाई के घर होती वीरता की बात सहित कई बुंदेलखंड गीत प्रस्तुत किए। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के सेवा निर्वत कलाकार लल्लू राम शुक्ला ने भी कई बुंदेली गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही बुंदेलखंड के लोकगीत प्रस्तुत किए। विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने कलाकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर हेमराज चौबे, मयंक चौबे, प्रांशू चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर वर्ष की तहर इस बार भी मंदाकिनी नदी के तट पर कजली महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन चित्रकूट के नया गांव के राजा परिवार के माध्यम से किया गया। सतना, महोबा व हमीरपुर सहित पन्ना के कलाकारों ने आल्हा ऊदल के वीरता पर आधारित गीत प्रस्तुत किए। सतना से आई कलाकार कोमल व कंचन ने आल्हा ऊदल के कई वीरता के गीत प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
वीर ने कर दियो कमाल, छूट गए अच्छे-अच्छे के पसीने सहित बुंदेलखंड की नारी लक्ष्मी बाई के घर होती वीरता की बात सहित कई बुंदेलखंड गीत प्रस्तुत किए। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के सेवा निर्वत कलाकार लल्लू राम शुक्ला ने भी कई बुंदेली गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही बुंदेलखंड के लोकगीत प्रस्तुत किए। विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने कलाकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर हेमराज चौबे, मयंक चौबे, प्रांशू चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन