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सोमवती अमावस्या के पहले काम पूरा करने के निर्र्देश
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट।
Updated Mon, 11 May 2015 11:56 PM IST
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तीर्थक्षेत्र के कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में लोहे की रेलिंग लगाई जा रही है। रेलिंग के एक ओर से दंडवत परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु आसानी से निकल सकेंगे। उन्हें भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। डीएम ने रेलिंग लगाने का काम सोमवती अमावस्या के पहले पूरा करने के निर्र्देश दिए हैं।
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पिछले साल अमावस्या के मौके पर भारी भीड़ की वजह से दस लोगों की जान जाने के बाद से तीर्थक्षेत्र में भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की र्गइं हैं। इसी के तहत दंडवत परिक्रमा करने वालों की सुविधा के लिए रेलिंग लगाकर अलग मार्ग बनाया जा रहा है। यूपी में आने वाले 22 सौ मीटर लंबे मार्ग में कुल दो हजार मीटर तक लोहे की रेलिंग लगाई जा रही है।
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गौरतलब है कि पहले रेलिंग न होने से मेले के दौरान रस्सा बांधकर काम चलाया जाता था। अमावस्या और अन्य पर्व पर दंडवत परिक्रमा करने वालों की अच्छी खासी भीड़ होती है। मान्यता के पूरी होने पर ये लोग पांच किमी की परिक्रमा लेटकर पूरी करते हैं।
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18 लाख से हो रहा काम
सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता हंसाराम ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में रेलिंग लगाने का काम किया जा रहा है। लोहे के पोल पहले से लगे हैं। अब इनमें लगभग 18 लाख की लागत से पाइप लगाकर रेलिंग बनाई जा रही है। यह काम 18 मई सोमवती अमावस्या तक पूरा करने के निर्देश हैं।