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Chitrakoot News: मुझे मिट्टी में मिला जा रहा, मैं बर्बाद हो गया
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चित्रकूट/मऊ। साबरमती जेल से माफिया अतीक को कड़ी सुरक्षा में लेकर पुलिस का काफिला बुधवार की दोपहर चित्रकूट पहुंचा। लगभग 95 किमी के जिले के सफर के दौरान काफिला दो बार दस-दस मिनट के लिए रुका। पत्रकारों के सवाल पर काफी देर बाद अतीक ने कहा कि वह बर्बाद हो गया है, उसे मिट्टी में मिलाया जा रहा है।
माफिया अतीक को प्रयागराज ले जा रहा पुलिस का काफिला बुधवार की दोपहर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते दोपहर दो बजकर 12 मिनट पर चित्रकूट के प्रवेश द्वार भरतकूप पहुंचा। जिला मुख्यालय में उसका काफिला दोपहर दो बजकर 43 मिनट पर पहुंचा। कर्वी में पटेल तिराहे के पास उसने वैन की खिड़की से झांका। उसने कुछ कहा, लेकिन उसकी आवाज स्पष्ट कोई नहीं सुन पाया।। झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के खोह रेलवे क्रासिंग के फाटक बंद होने के कारण काफिला लगभग 10 मिनट तक रुका रहा। कई बार पत्रकारों ने बातचीत का प्रयास किया, लेकिन वह वैन में लेटा रहा।
इसके बाद काफिला प्रयागराज की ओर रवाना हुआ। अचानक काफिला चार बजकर 15 मिनट पर हाईवे किनारे स्थित मऊ थाना परिसर की ओर मुड़ गया। वैन से अतीक उतरा और 12 पुलिसकर्मियों के घेरे के बीच वह थाने के अंदर गया। लगभग दस मिनट बाद पुलिस उसे लेकर बाहर निकली और वैन में बैठाया। पत्रकारों ने उससे सवाल किए। काफी देर बाद अतीक ने कहा कि उसे तो मिट्टी में मिलाया जा रहा है, वह बर्बाद हो गया है। उमेश पाल की हत्या के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। हाथ हिलाकर वह वैन में बैठ गया। इसके बाद काफिला जिले की सीमा मुरका बरगढ़ से होते हुए शाम चार बजकर 45 मिनट पर प्रयागराज की सीमा की ओर रवाना हो गया।
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माफिया अतीक को प्रयागराज ले जा रहा पुलिस का काफिला बुधवार की दोपहर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते दोपहर दो बजकर 12 मिनट पर चित्रकूट के प्रवेश द्वार भरतकूप पहुंचा। जिला मुख्यालय में उसका काफिला दोपहर दो बजकर 43 मिनट पर पहुंचा। कर्वी में पटेल तिराहे के पास उसने वैन की खिड़की से झांका। उसने कुछ कहा, लेकिन उसकी आवाज स्पष्ट कोई नहीं सुन पाया।। झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के खोह रेलवे क्रासिंग के फाटक बंद होने के कारण काफिला लगभग 10 मिनट तक रुका रहा। कई बार पत्रकारों ने बातचीत का प्रयास किया, लेकिन वह वैन में लेटा रहा।
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इसके बाद काफिला प्रयागराज की ओर रवाना हुआ। अचानक काफिला चार बजकर 15 मिनट पर हाईवे किनारे स्थित मऊ थाना परिसर की ओर मुड़ गया। वैन से अतीक उतरा और 12 पुलिसकर्मियों के घेरे के बीच वह थाने के अंदर गया। लगभग दस मिनट बाद पुलिस उसे लेकर बाहर निकली और वैन में बैठाया। पत्रकारों ने उससे सवाल किए। काफी देर बाद अतीक ने कहा कि उसे तो मिट्टी में मिलाया जा रहा है, वह बर्बाद हो गया है। उमेश पाल की हत्या के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। हाथ हिलाकर वह वैन में बैठ गया। इसके बाद काफिला जिले की सीमा मुरका बरगढ़ से होते हुए शाम चार बजकर 45 मिनट पर प्रयागराज की सीमा की ओर रवाना हो गया।
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