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Chitrakoot News: कर्वी के पुराने पुल पर भारी वाहनों की रोक, 20 की स्पीड तय
Wed, 30 Sep 2026 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:31 AM IST
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29 सीकेटीपी-02-पुल के दोनों ओर लगा जाम। संवाद
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में 29 अगस्त को आई बाढ़ का पानी झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी में बने पुराने पुल के ऊपर से बहा था।
इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने एहतियात के तौर पर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 20 किमी प्रति घंटा तय की गई है। पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि चालक गति सीमा का पालन करें और पुल पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
बाढ़ के दौरान पुल के ऊपर से पानी निकलने के कारण उसकी मजबूती को लेकर आशंका बढ़ गई है। यह पुल करीब 90 साल पुराना हो चुका है और लंबे समय से भारी यातायात का दबाव झेल रहा है। इसी वजह से विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सहायक अभियंता अखंड सिंह ने बताया कि पुल की सुरक्षा के लिए एनएच पुल फ्लड डैमेज के तहत प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
स्वीकृति मिलने के बाद पुल की जांच और जरूरी मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है। विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे बोर्ड पर लिखे निर्देशों का पालन करें और पुल पार करते समय गति धीमी रखें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
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रोज 10 हजार से ज्यादा वाहन, डेढ़ हजार भारी वाहन
चित्रकूट। झांसी-मिर्जापुर हाईवे का यह पुल यातायात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। कानपुर, बांदा समेत कई जिलों के वाहन इसी पुल से होकर निकलते हैं। हर दिन करीब 10 हजार से अधिक छोटे व बड़े वाहन पुल से निकलते हैं। इनमें करीब एक से डेढ़ हजार भारी वाहन शामिल हैं। ऐसे में पुल को पूरी तरह बंद किया गया तो यातायात व्यवस्था प्रभावित होना तय है।
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पुल बंद हुआ तो 50 किमी का अतिरिक्त सफर
पुल की स्थिति को देखते हुए यदि इसे पूरी तरह बंद करना पड़ा तो वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। एक रास्ता बदौसा-कामासिन होते हुए राजापुर और फिर प्रयागराज की ओर जाता है।
दूसरा रास्ता शिवरामपुर से बीओपी मार्ग होते हुए पहाड़ी की ओर निकलता है। यह रास्ता काफी खराब है और भारी वाहनों के लिए परेशानी वाला है। ऐसे में पुल बंद होने की स्थिति में वाहन चालकों को करीब 50 किमी तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
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इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने एहतियात के तौर पर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 20 किमी प्रति घंटा तय की गई है। पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि चालक गति सीमा का पालन करें और पुल पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
बाढ़ के दौरान पुल के ऊपर से पानी निकलने के कारण उसकी मजबूती को लेकर आशंका बढ़ गई है। यह पुल करीब 90 साल पुराना हो चुका है और लंबे समय से भारी यातायात का दबाव झेल रहा है। इसी वजह से विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सहायक अभियंता अखंड सिंह ने बताया कि पुल की सुरक्षा के लिए एनएच पुल फ्लड डैमेज के तहत प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
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स्वीकृति मिलने के बाद पुल की जांच और जरूरी मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है। विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे बोर्ड पर लिखे निर्देशों का पालन करें और पुल पार करते समय गति धीमी रखें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
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रोज 10 हजार से ज्यादा वाहन, डेढ़ हजार भारी वाहन
चित्रकूट। झांसी-मिर्जापुर हाईवे का यह पुल यातायात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। कानपुर, बांदा समेत कई जिलों के वाहन इसी पुल से होकर निकलते हैं। हर दिन करीब 10 हजार से अधिक छोटे व बड़े वाहन पुल से निकलते हैं। इनमें करीब एक से डेढ़ हजार भारी वाहन शामिल हैं। ऐसे में पुल को पूरी तरह बंद किया गया तो यातायात व्यवस्था प्रभावित होना तय है।
पुल बंद हुआ तो 50 किमी का अतिरिक्त सफर
पुल की स्थिति को देखते हुए यदि इसे पूरी तरह बंद करना पड़ा तो वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। एक रास्ता बदौसा-कामासिन होते हुए राजापुर और फिर प्रयागराज की ओर जाता है।
दूसरा रास्ता शिवरामपुर से बीओपी मार्ग होते हुए पहाड़ी की ओर निकलता है। यह रास्ता काफी खराब है और भारी वाहनों के लिए परेशानी वाला है। ऐसे में पुल बंद होने की स्थिति में वाहन चालकों को करीब 50 किमी तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।

29 सीकेटीपी-02-पुल के दोनों ओर लगा जाम। संवाद