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गर्मी बढ़ते ही पटरी से उतरी बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 14 May 2015 11:27 PM IST
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गर्मी बढ़ते ही बिजली संकट गहरा गया है। जिला
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मुख्यालय में कई बार अघोषित कटौती की रही है। बिजली न होने से पानी संकट भी
गहराता जा रहा है। यही हाल ग्रामीण इलाकों का भी है।
बावजूद इसके अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं कि बिजली संकट है। हालत यह है कि बिजली कटौतीमुक्त मुख्यालय में दिन भर में कई कई बार बिजली काटी जा रही है।
गर्मी बढ़ते ही बिजली की आवाजाही बढ़ गई है। सुबह से बिजली की आंख मिचौली शुरू हो जाती है, जो पूरी रात जारी रहती है। यह हाल तब है, जबकि जिला मुख्यालय हालांकि कटौती मुक्त है।
इसके अलावा सीतापुर, शिवरामपुर, सरैंया, राजापुर, मऊ, पहाड़ी आदि में भी बिजली समस्या गहराती जा रही है। लोगों का कहना है कि जब अभी यह हाल है तो जून और जुलाई के महीनों में क्या होगा।
राजापुर प्रतिनिधि के अनुसार, बिजली कटौती से पूरा जनजीवन व्यस्त हो चुका है। ग्रामीण इलाके में बारह से तेरह घंटे बिजली रहती है पर इस दौरान कई बार बिजली आती-जाती रहती है।
जेई भूपेश कुमार मौके पर रहते नहीं। फोन भी नहीं उठाते। गुरुवार को भी जब उनसे बात करने की कोशिश की गई तो मोबाइल नहीं उठा। मऊ प्रतिनिधि ने बताया कि रात में बिजली कटौती से लोग आजिज आ चुके हैं। दिन में भी कई बार बिजली की अघोषित कटौती से पानी का संकट भी बना रहता है।
ट्रिपिंग भी होती रहती है। वोल्टेज की भी समस्या है। जेई एसके मौर्या को लेकर यहां के लोगों की भी शिकायत है कि वे फोन बहुत कम उठाते हैं। सरैंया प्रतिनिधि ने बताया कि रैपुरा और आसपास कई माह से बिजली की दिक्कत है। पंद्रह पंद्रह मिनट में बिजली आती-जाती है।
ट्रांसफार्मर के लोड न लेने से भी फाल्ट होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सालों से तार तक नहीं बदले गए। संतोष पांडे, महेंद्र सिंह, राजेंद्र पांडे, चंद्रप्रकाश शुक्ल, दुर्गा साहू, बुद्ध प्रकाश पटेल, नत्थू उपाध्याय, रमेश पटेल आदि का कहना है कि तारों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लाइनमैन का भी पता नहीं रहता, जिससे समय से फाल्ट नहीं सुधरते। पानी का संकट है। रैपुरा के आसपास के गांवों अगरहुंड़ा, ओड़की, बरवारा, धान, बरहट, कौबरा, रामनगर आदि में बिजली की समस्या गहराई है। जेई शैलेंद्र कुमार मौर्या ने बताया कि एक दो जगह समस्या की जानकारी हुई है।
जल्द ही दुरुस्त कराई जाएगी। रही बात ट्रिपिंग की तो आंधी आने की वजह से यह होता है। शिवरामपुर प्रतिनिधि ने बताया कि कस्बे में बिजली की समस्या बहुत है। राजा गुप्ता, शिवनारायण, राजा कुशवाहा, सुरेश साहू, प्रह्लाद राम, रमेश, कल्लू गुप्ता आदि ने बताया कि बिजली की दिक्कत से परेशानी है।
गर्मी की अभी शुरुआत है आगे क्या होगा। उधर, जेई राजेंद्र राजपूत ने कहा कि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए वह लगातार फाल्ट दुरुस्त करते रहते हैं। बिजली भी पर्याप्त मिलती है। ऊपर से कटौती होने पर वह कुछ नहीं कर सकते।
जिले में बिजली की कोई बड़ी समस्या नहीं है। बिजली पर्याप्त रहती है। सीतापुर में वर्तमान समय में कुछ परेशानी है, जिसका कारण मेले के लिए बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने को पेड़ों की छंटाई चल रही है।
-सुनील चंद्र एक्सईएन
बावजूद इसके अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं कि बिजली संकट है। हालत यह है कि बिजली कटौतीमुक्त मुख्यालय में दिन भर में कई कई बार बिजली काटी जा रही है।
गर्मी बढ़ते ही बिजली की आवाजाही बढ़ गई है। सुबह से बिजली की आंख मिचौली शुरू हो जाती है, जो पूरी रात जारी रहती है। यह हाल तब है, जबकि जिला मुख्यालय हालांकि कटौती मुक्त है।
इसके अलावा सीतापुर, शिवरामपुर, सरैंया, राजापुर, मऊ, पहाड़ी आदि में भी बिजली समस्या गहराती जा रही है। लोगों का कहना है कि जब अभी यह हाल है तो जून और जुलाई के महीनों में क्या होगा।
राजापुर प्रतिनिधि के अनुसार, बिजली कटौती से पूरा जनजीवन व्यस्त हो चुका है। ग्रामीण इलाके में बारह से तेरह घंटे बिजली रहती है पर इस दौरान कई बार बिजली आती-जाती रहती है।
जेई भूपेश कुमार मौके पर रहते नहीं। फोन भी नहीं उठाते। गुरुवार को भी जब उनसे बात करने की कोशिश की गई तो मोबाइल नहीं उठा। मऊ प्रतिनिधि ने बताया कि रात में बिजली कटौती से लोग आजिज आ चुके हैं। दिन में भी कई बार बिजली की अघोषित कटौती से पानी का संकट भी बना रहता है।
ट्रिपिंग भी होती रहती है। वोल्टेज की भी समस्या है। जेई एसके मौर्या को लेकर यहां के लोगों की भी शिकायत है कि वे फोन बहुत कम उठाते हैं। सरैंया प्रतिनिधि ने बताया कि रैपुरा और आसपास कई माह से बिजली की दिक्कत है। पंद्रह पंद्रह मिनट में बिजली आती-जाती है।
ट्रांसफार्मर के लोड न लेने से भी फाल्ट होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सालों से तार तक नहीं बदले गए। संतोष पांडे, महेंद्र सिंह, राजेंद्र पांडे, चंद्रप्रकाश शुक्ल, दुर्गा साहू, बुद्ध प्रकाश पटेल, नत्थू उपाध्याय, रमेश पटेल आदि का कहना है कि तारों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लाइनमैन का भी पता नहीं रहता, जिससे समय से फाल्ट नहीं सुधरते। पानी का संकट है। रैपुरा के आसपास के गांवों अगरहुंड़ा, ओड़की, बरवारा, धान, बरहट, कौबरा, रामनगर आदि में बिजली की समस्या गहराई है। जेई शैलेंद्र कुमार मौर्या ने बताया कि एक दो जगह समस्या की जानकारी हुई है।
जल्द ही दुरुस्त कराई जाएगी। रही बात ट्रिपिंग की तो आंधी आने की वजह से यह होता है। शिवरामपुर प्रतिनिधि ने बताया कि कस्बे में बिजली की समस्या बहुत है। राजा गुप्ता, शिवनारायण, राजा कुशवाहा, सुरेश साहू, प्रह्लाद राम, रमेश, कल्लू गुप्ता आदि ने बताया कि बिजली की दिक्कत से परेशानी है।
गर्मी की अभी शुरुआत है आगे क्या होगा। उधर, जेई राजेंद्र राजपूत ने कहा कि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए वह लगातार फाल्ट दुरुस्त करते रहते हैं। बिजली भी पर्याप्त मिलती है। ऊपर से कटौती होने पर वह कुछ नहीं कर सकते।
जिले में बिजली की कोई बड़ी समस्या नहीं है। बिजली पर्याप्त रहती है। सीतापुर में वर्तमान समय में कुछ परेशानी है, जिसका कारण मेले के लिए बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने को पेड़ों की छंटाई चल रही है।
-सुनील चंद्र एक्सईएन