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Chitrakoot News: साक्ष्य छिपाने और बयान न लेने के मामले में घिरे तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक, प्राथमिकी

Tue, 23 Jun 2026 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 23 Jun 2026 12:01 AM IST
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FIR against the then Station House Officer (SHO) in charge, implicated in a case involving the concealment of evidence and failure to record statements.
चित्रकूट। दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले की जांच में लापरवाही बरतना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र को भारी पड़ा। उनके खिलाफ रैपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर कार्रवाई की गई है। उन पर घटना के साक्ष्य छिपाने और पीड़िता के बयान न दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। इससे न्याय प्रक्रिया बाधित हुई है। नामजद तत्कालीन थाना प्रभारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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यह मामला वर्ष 2020 का रैपुरा थाना क्षेत्र से संबंधित है। पांच अप्रैल 2020 को रैपुरा थाने में एक महिला ने दुष्कर्म के आरोप में छोटू उर्फ तेज प्रताप व एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले की विवेचना पहले तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र ने की। उनके स्थानांतरण के बाद में इस मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक धर्मराज यादव ने की। तीन जुलाई 2020 को विवेचक ने रैपुरा थाना क्षेत्र के अगरहुड़ा निवासी लालजी उर्फ लाला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
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अदालत ने छोटू उर्फ तेज प्रताप को 25 वर्ष कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी थी। इस दौरान अदालत ने जांच प्रक्रिया में कई कमियां सामने आईं। आरोप है कि तत्कालीन जांच अधिकारी रमेश चंद्र ने समय पर पीड़िता के न तो बयान दर्ज किए और न ही उसकी उम्र से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाए। कई महत्वपूर्ण जांच प्रक्रियाएं पूरी नहीं कीं। साथ ही वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को भी समय पर प्रयोगशाला नहीं भेजा।
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विवेचना में तत्कालीन थाना प्रभारी रमेश द्वारा कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है। इन गंभीर अनियमितताओं से न्याय प्रक्रिया बाधित हुई और दोषियों को सजा दिलाने में विलंब हुआ। कुछ समय पहले तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रमेश प्रयागराज कमिश्नरेट से सेवानिवृत्त हुए हैं।

कोर्ट के आदेश पर रैपुरा पुलिस ने जालौन के ताहरपुर कदौरा निवासी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रैपुरा रमेश चंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष राम सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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