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Chitrakoot News: खाद-बीज के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन
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चित्रकूट। भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट के कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में किसानों को समय से खाद बीज उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों लेकर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम पूजा साहू को दिया।
गुरुवार को प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष गज्जू फौजी ने कहा कि किसानों को खाद समितियों में नहीं मिल रही है। इससे किसान परेशान हैं। बीज भी किसानों को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। यदि किसानों की समस्या का निदान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंंगे।
किसानों ने मांग की है कि समय से किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराया जाए। अन्ना पशुओंं को गोशाला में रखा जाए। एमएसपी लागू की जाए। बेरोजगार युवकों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाए। इस मौके पर यूनियन के कन्नौज जिले के जिलाध्यक्ष हरबंश सिंह राजपूत, नन्ने लाल राजपूत, श्रीकृष्ण पाल, रामनाथ, यदुनाथ, रामसनेही, शमीर, बलवीर सिहं, बलवीर सिंह, मंजू, मुन्नी देवी आदि मौजूद रहे।
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जिला मुख्यालय में डीएपी के लिए किसान लगा रहे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। खाद की समस्या को लेकर जिला मुख्यालय की खाद समितियों में किसान डीएपी खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हंै।यहां की समितियों में डीएपी खाद नहीं मिलने से किसान निराश होकर घर लौटने को मजबूर हैं।
जिले में 38 खाद समितियां खुली हैं। जिसमें 18 समितियों में गोदामों से खाद भेजने की बात अधिकारी स्वीकार रहे हंै।इसके बाद भी किसान जिला मुख्यालय की खाद समितियों में खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे है। दरअसल खाद का वितरण सभी जगह शाम को शुरु हो गया लेकिन डीएपी की जगह यूरिया दी जा रही है। मानिकपुर कस्बा निवासी पुष्पराज सिंह जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में डीएपी खाद लेने के लिए आया था। उसने बताया कि मानिकपुर स्थित समिति में डीएपी खाद नहीं मिल रही है। जिससे वह जिला मुख्यालय में खाद लेने के लिए यहां आया है।यहां भी डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।सरैंया के के किसान बुधविलास ने बताया कि तीन दिन से सरैंया समिति में खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हंै। इसके बाद भी खाद नहीं दी जा रही है।
इनसेट
सुबह से ही खाद लेने के लिए पहुंच गए
जिन समितियों में डीएपी की खाद पहुंची वहां पर किसान सुबह से ही लाइन लागार खाद लेेने के लिए पंजीयन कराना शुरु कर दिया। किसानों को टोकन भी उपलब्ध कराए गए। ताकि समिति में अधिक भीड़ नहीं हो। खप्टिहा, चकौंध, हन्ना व मऊ समिति में खाद का वितरण किया गया। किसान केशव प्रसाद, रोहित सिंह ने बताया कि एक किसान को तीन बोरी ही खाद दी जा रही है। जब कि उनको पांच बोरी खाद चाहिए।
इनसेट
एनपीके खाद का उपयोग करें
उप कृषि अधिकारी राजकुमार ने बताया कि सभी समितियों में खाद बांटी जा रही है। एनपीके खाद रबी की फसल मेें तिलहन, दलहन की फसल के लिए अच्छी है। इस खाद का उपयोग किसान करे। बताया कि जिन किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है उनको खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
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गुरुवार को प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष गज्जू फौजी ने कहा कि किसानों को खाद समितियों में नहीं मिल रही है। इससे किसान परेशान हैं। बीज भी किसानों को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। यदि किसानों की समस्या का निदान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंंगे।
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किसानों ने मांग की है कि समय से किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराया जाए। अन्ना पशुओंं को गोशाला में रखा जाए। एमएसपी लागू की जाए। बेरोजगार युवकों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाए। इस मौके पर यूनियन के कन्नौज जिले के जिलाध्यक्ष हरबंश सिंह राजपूत, नन्ने लाल राजपूत, श्रीकृष्ण पाल, रामनाथ, यदुनाथ, रामसनेही, शमीर, बलवीर सिहं, बलवीर सिंह, मंजू, मुन्नी देवी आदि मौजूद रहे।
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जिला मुख्यालय में डीएपी के लिए किसान लगा रहे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। खाद की समस्या को लेकर जिला मुख्यालय की खाद समितियों में किसान डीएपी खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हंै।यहां की समितियों में डीएपी खाद नहीं मिलने से किसान निराश होकर घर लौटने को मजबूर हैं।
जिले में 38 खाद समितियां खुली हैं। जिसमें 18 समितियों में गोदामों से खाद भेजने की बात अधिकारी स्वीकार रहे हंै।इसके बाद भी किसान जिला मुख्यालय की खाद समितियों में खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे है। दरअसल खाद का वितरण सभी जगह शाम को शुरु हो गया लेकिन डीएपी की जगह यूरिया दी जा रही है। मानिकपुर कस्बा निवासी पुष्पराज सिंह जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में डीएपी खाद लेने के लिए आया था। उसने बताया कि मानिकपुर स्थित समिति में डीएपी खाद नहीं मिल रही है। जिससे वह जिला मुख्यालय में खाद लेने के लिए यहां आया है।यहां भी डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।सरैंया के के किसान बुधविलास ने बताया कि तीन दिन से सरैंया समिति में खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हंै। इसके बाद भी खाद नहीं दी जा रही है।
इनसेट
सुबह से ही खाद लेने के लिए पहुंच गए
जिन समितियों में डीएपी की खाद पहुंची वहां पर किसान सुबह से ही लाइन लागार खाद लेेने के लिए पंजीयन कराना शुरु कर दिया। किसानों को टोकन भी उपलब्ध कराए गए। ताकि समिति में अधिक भीड़ नहीं हो। खप्टिहा, चकौंध, हन्ना व मऊ समिति में खाद का वितरण किया गया। किसान केशव प्रसाद, रोहित सिंह ने बताया कि एक किसान को तीन बोरी ही खाद दी जा रही है। जब कि उनको पांच बोरी खाद चाहिए।
इनसेट
एनपीके खाद का उपयोग करें
उप कृषि अधिकारी राजकुमार ने बताया कि सभी समितियों में खाद बांटी जा रही है। एनपीके खाद रबी की फसल मेें तिलहन, दलहन की फसल के लिए अच्छी है। इस खाद का उपयोग किसान करे। बताया कि जिन किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है उनको खाद उपलब्ध कराई जा रही है।