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Chitrakoot News: सवारी के बजाय एंगल लादकर दौड़ रहे ई-रिक्शा
Tue, 27 Oct 2026 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:28 PM IST
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फोटो न- 27 सीकेटीपी 02 लोहे के एंगल व सरिया लादकर ले जाता ई-रिक्शा। संवाद
चित्रकूट। शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में चल रहे ई-रिक्शा अब खतरे का कारण बन गए हैं।
ये ई-रिक्शा अब दुकानों और गोदामों से लोहे की छड़ें, एंगल और सरिया ढो रहे हैं। खतरनाक तरीके से लादे गए इस माल से न केवल जाम लग रहा है, बल्कि बड़े हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
शहर में वर्तमान में तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। अधिक संख्या के कारण कई चालकों को पर्याप्त सवारी नहीं मिल पाती है। इसलिए वे अतिरिक्त कमाई के लिए हार्डवेयर और निर्माण सामग्री की दुकानों से माल ढोने लगे हैं। चालक 15 से 20 फीट लंबी लोहे की छड़ों को ई-रिक्शा की बॉडी से कई फीट बाहर निकालकर मुख्य सड़कों पर निकल पड़ते हैं।
इन छड़ों पर न तो लाल कपड़ा लगाया जाता है और न ही कोई संकेत दिया जाता है। झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग, कर्वी-पहाड़ी मार्ग और सर्राफा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह नजारा आम है। पीछे से आ रहे बाइक और साइकिल सवारों के लिए ये नुकीली छड़ें जानलेवा साबित हो रही हैं।
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अधिक वजन होने से आए दिन ई-रिक्शा बीच सड़क में पलट भी रहे हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और अन्य वाहनों को भी खतरा होता है। स्थानीय निवासियों ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
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ये हो चुके हादसे
रामनारायण सिंह और सीताराम सिंह ने बताया कि इसी सप्ताह छड़ लदे ई-रिक्शा की चपेट में आकर एक बाइक सवार घायल हो गया था। वहीं सर्राफा बाजार में ओवरलोड ई-रिक्शा पलटने से करीब आधे घंटे तक अफरातफरी मची रही। इस घटना में राहगीर बाल-बाल बच गए।
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बोले जिम्मेदार
नियम विरुद्ध माल ढोने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।- हरिराम यादव, प्रभारी, यातायात।
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ये ई-रिक्शा अब दुकानों और गोदामों से लोहे की छड़ें, एंगल और सरिया ढो रहे हैं। खतरनाक तरीके से लादे गए इस माल से न केवल जाम लग रहा है, बल्कि बड़े हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
शहर में वर्तमान में तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। अधिक संख्या के कारण कई चालकों को पर्याप्त सवारी नहीं मिल पाती है। इसलिए वे अतिरिक्त कमाई के लिए हार्डवेयर और निर्माण सामग्री की दुकानों से माल ढोने लगे हैं। चालक 15 से 20 फीट लंबी लोहे की छड़ों को ई-रिक्शा की बॉडी से कई फीट बाहर निकालकर मुख्य सड़कों पर निकल पड़ते हैं।
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इन छड़ों पर न तो लाल कपड़ा लगाया जाता है और न ही कोई संकेत दिया जाता है। झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग, कर्वी-पहाड़ी मार्ग और सर्राफा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह नजारा आम है। पीछे से आ रहे बाइक और साइकिल सवारों के लिए ये नुकीली छड़ें जानलेवा साबित हो रही हैं।
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अधिक वजन होने से आए दिन ई-रिक्शा बीच सड़क में पलट भी रहे हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और अन्य वाहनों को भी खतरा होता है। स्थानीय निवासियों ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
ये हो चुके हादसे
रामनारायण सिंह और सीताराम सिंह ने बताया कि इसी सप्ताह छड़ लदे ई-रिक्शा की चपेट में आकर एक बाइक सवार घायल हो गया था। वहीं सर्राफा बाजार में ओवरलोड ई-रिक्शा पलटने से करीब आधे घंटे तक अफरातफरी मची रही। इस घटना में राहगीर बाल-बाल बच गए।
बोले जिम्मेदार
नियम विरुद्ध माल ढोने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।- हरिराम यादव, प्रभारी, यातायात।

फोटो न- 27 सीकेटीपी 02 लोहे के एंगल व सरिया लादकर ले जाता ई-रिक्शा। संवाद