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श्रद्घालुओं ने मंदाकिनी में लगाई आस्था की डुबकी
chitrakoot
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:54 PM IST
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रामघाट पर मंदाकिनी में डुबकी लगाते श्रद्धालु,
- फोटो : amarujala
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चित्रकूट। आषाढ़ी अमावस्या में लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। भगवान कामतानाथ की परिक्रमा कर बारिश होने की कामना की। भीड़ के चलते पुलिस बल भी मुस्तैद रहा। भीड़ अधिक होने से श्रद्घालुओं ने ट्रेन और टेंपों में नियम-कानूनों का उल्लंघन किया।
आषाढ़ी अमावस्या में लाखों श्रद्धालु शुक्रवार को तड़के मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद भगवान कामता नाथ में माथा टेक बारिश होने की कामना की। कादगिरी की पंचकोषी परिक्रमा लगाकर धर्म नगरी के तीर्थ स्थल जानकी कुंड, स्फाटिक शिला, गुप्त गोदावरी, भरतकूप आदि तीर्थस्थानों के दर्शन किए। इस दौरान तमाम क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने इस साल अच्छी बारिश की कामना की। तमाम किसानों ने जलाभिषेक करते समय मंदाकिनी के जल से भगवान मत्यगयेंद्र नाथ स्वामी को स्नान कराया। मेला की व्यवस्था के लिए चित्रकूट जिले के साथ ही मप्र. क्षेत्र के सतना जिले की पुलिस बल के साथ ही अधिकारी तैनात रहे। मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर गंदगी पड़ी होने से श्रद्धालु परेशान रहे। रेलवे स्टेशन सहित बस स्टैंड में यात्रियों की भीड़ लगी रही। जिस क्षेत्र में रोडवेज बसे नहीं चलती वहां के श्रद्धालु डग्गामर वाहनों का सहारा लेकर घाट पर पहुंचे। क ई स्थानों पर गंदगी पड़ी होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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खुशनुमा रहा मौसम
चित्रकूट। आकाश में बादल छाए रहने व ठंडी हवाएं चलने से श्रद्धालुओं रे राहत की सांस ली। मौसम का आनंद भी श्रद्धालु उठाते रहे। कई श्रद्धालु हनुमान धारा तीर्थ स्थल के दर्शन करने के लिए भी पहुंचे।
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नहीं चेते अधिकारी
चित्रकूट। अमावस्या के एक दिन पहले धर्मनगरी के पास तीन युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी चेते नहीं। टेंपो चालक व डग्गामार वाहन मानक से विपरीत सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते रहे। इसके अलावा जीआरपी व आरपीएफ ने ट्रेनों में यात्रियों को छत पर बैठने व लटकने से रोकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन श्रद्धालुओं के जोश के आगे वह हार गए। सभी ट्रेनों की छत व इंजन पर बैठकर श्रद्धालु रवाना हुए।
खुले में शौच करने को मजबूर हुए श्रद्धालु
चित्रकूट। अमावस्या मेला में जहां लाखों श्रद्धालु परिक्रमा करने आते हैं। जिनके लिए सरकार ने धर्मनगरी में कई स्थानों पर शौचालय का निर्माण किया है। भीड़ अधिक होने से अधिकतर शौचालय बंद होने से श्रद्धालुओं को खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ा। धर्मनगरी के सतना बस स्टेंड स्थित सुलभ शौचालय बंद रहा। इसी तरह से कई अन्य शौचालय बंद रहे।
श्रद्धालुओं को पिलाया शर्बत व ग्लूकोज
चित्रकूट। रामघाट से लेकर परिक्रमा मार्ग और शहर के कुछ स्थानों पर समाजसेवियों ने लाखों श्रद्धालुओं को चाय, शर्बत व ग्लूकोज का वितरण किया। रंजना पांडेय, राहुल गुप्ता, धर्मचंद्र, गोलू व बरातीलाल आदि ने रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं को चाय पिलाई। कानपुर डाबर कंपनी की ओर से आशीष सिंह, संतोष, सूरज, इंद्रेश गुप्ता गप्पू व भोला आदि ने सीतापुर में कैंप लगाकर ग्लूकोज समेत पुदीने का वितरण किया।
डीएम-एसपी ने लिया जायजा
चित्रकूट। परिक्रमा मार्ग के खोही के पास करंट फैलने से दो बंदर की मौत व श्रद्धालुूओें के बचने की जानकारी होने पर डीएम विशाख जी अय्यर व एसपी मनोज कुमार झा ने कई स्थानों पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।