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नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में मरीज लेकर भटकते रहे परिजन
चित्रकूट
Updated Sun, 21 May 2017 11:10 PM IST
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सफदरजंग अस्पताल।
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चित्रकूट। जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। मुख्यालय के अस्पताल में ऐसा भी नजारा देखने को मिला कि मरीजों को स्ट्रेचर नहीं मिला। बीमारी के कारण चलने फिरने में लाचार मरीजों को अस्पताल लाए परिजन स्ट्रेचर ढूंढते रह गए।
पहाड़ी के देवल निवासी 80 वर्षीय रामबहोरी शनिवार को बीमारी अवस्था में घर में बाथरूम जाते समय फिसलकर गिर पड़े। जिससे उनके पैर में चोट आई। उसके नाती आशीष व विकास किसी तरह टेपों से जिला अस्पताल लाए तो पहले पर्चा कटवाने के लिए भटकते रहे। स्ट्रेचर न मिलने पर दोनों नाती बाबा को गोद में ही लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे।
वहां से पहले पर्चा लाने को कहा गया। फिर दोनों उन्हें गोद में लेकर पर्चा कटवाने गए। इसके बाद डॉक्टर ने एक्स-रे को लिखा। इस बार भी वह स्ट्रेचर ढूंढते रहे लेकिन वह नहीं मिला तो गोद में ही लेकर एक्स रे रूम पहुंचे। इसके बाद गोद में ही लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तब जाकर इलाज शुरू हो सका। इस मामले में सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में कई स्ट्रेचर हैं। ड्यूटी में मौजूद स्टाफ को उन्हें स्ट्रेचर उपलब्ध कराना चाहिए था। मरीज या उनके तीमारदार ने किसी से स्ट्रेचर की मांग भी नहीं की।
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पहाड़ी के देवल निवासी 80 वर्षीय रामबहोरी शनिवार को बीमारी अवस्था में घर में बाथरूम जाते समय फिसलकर गिर पड़े। जिससे उनके पैर में चोट आई। उसके नाती आशीष व विकास किसी तरह टेपों से जिला अस्पताल लाए तो पहले पर्चा कटवाने के लिए भटकते रहे। स्ट्रेचर न मिलने पर दोनों नाती बाबा को गोद में ही लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे।
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वहां से पहले पर्चा लाने को कहा गया। फिर दोनों उन्हें गोद में लेकर पर्चा कटवाने गए। इसके बाद डॉक्टर ने एक्स-रे को लिखा। इस बार भी वह स्ट्रेचर ढूंढते रहे लेकिन वह नहीं मिला तो गोद में ही लेकर एक्स रे रूम पहुंचे। इसके बाद गोद में ही लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तब जाकर इलाज शुरू हो सका। इस मामले में सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में कई स्ट्रेचर हैं। ड्यूटी में मौजूद स्टाफ को उन्हें स्ट्रेचर उपलब्ध कराना चाहिए था। मरीज या उनके तीमारदार ने किसी से स्ट्रेचर की मांग भी नहीं की।
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