डायरिया- बुखार से तीन महिलाओं की मौत
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बारिश के सीजन में डायरिया व बुखार का प्रकोप ज्यादा बढ़ गया है। तो वहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र समेत जिले में तीन महिलाओं की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं। उधर इटरौर में एक महिला की मौत की जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं गांव पहुंची।
मानिकपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव रानीपुर कल्याणगढ़ में ग्रामीण पानी में फंसे हैं। राहत व बचाव के काम जारी हैं लेकिन बारिश का पानी जमा होने के कारण संक्रामक रोग तेजी से फै ल रहे हैं। गांव की सुंता देवी पत्नी राकेश कोल की बुखार के कारण गुरुवार को ज्यादा हालत खराब हो गई लेकिन पानी भरा होने क् कारण वह इलाज को गांव के बाहर नहीं निकल पाई।
परिजन घरेलू उपचार करते रहे और रात में उसकी मौत हो गई। इसके अलावा शुक्रवार की सुबह इसी गांव की सुमिता पत्नी अशोक कुमार की भी बुखार के कारण मौत हो गई है। इसके अलावा गांव में दिनेश, प्रेमलाल, नकुल, दुर्गा, अश्वनी, प्रीति, पिंकी, मीरा व चुन्नू की हालत गंभीर बनी है।
एसडीएम मानिकपुर रामसकल मौर्य ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य छोटे लाल ने इसकी जानकारी दी है कि दो महिलाओं की मौत हुई है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र होनेे के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तक पहुंचने में परेशान है। जल्द ही वहां टीम भेजकर इलाज कराया जाएगा।
इसके अलावा मुख्यालय के तरौंहा के केवटरा मोहल्ले में भी डायरिया का प्रकोप जारी है। जानकारी के अनुसार डायरिया पीड़ित सावित्री पत्नी बोड्डा की हालत खराब होने पर परिजनों ने 16 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। 17 अगस्त को उसे जानकी कुंड रिफर किया गया।
जिसके बाद 18 अगस्त की शाम उसकी मौत हो गई। इसके अलावा मोहल्ले में सुन्नू, लल्लू, संदीप व मनोज आदि का स्वास्थ्य खराब है। जिला अस्पताल में बनाडी की गुड़िया पुत्री नत्थू, पुरवा तरौहा की मुन्नी देवी पत्नी श्रीपाल, भंभई के शिवबाबू पुत्र बदलुआ और मूर्ति देवी पत्नी कामता निवासी कपसेठी को भी बुखार की शिकायत पर भर्ती कराया गया।
सदर ब्लाक के इटरौर गांव में फैले डायरिया से एक महिला की मौत व 15 के बीमार होने की जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम शुक्रवार को गांव नहीं पहुंची। उधर सीएमओ डा पीएन गोयल का कहना है कि टीम गांव भेजी गई थी।
स्थानीय देवकुमार विश्वकर्मा व कुशल पांडेय ने बताया कि कोई डाक्टर नहीं आया। बीमार बच्चों की हालत गंभीर होती जा रही है। परिजन बारिश व जलभराव से मरीजों को अस्पताल तक नहीं ले जा पा रह हैं।