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जलभराव से कई किसानों को नुकसान
ब्यूरो अमर उजाला चित्रकूट
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:08 AM IST
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फसल बर्बाद होने की जानकारी देते तरावं के किसान।
- फोटो : amarujala
शुक्रवार को तरावं गांव के एक दर्जन किसानों ने फिर दावा किया कि नहर कटने से उनके खेतों में जलभराव हुआ और तीन दिन पहले ही बोई गई चना-मसूर की फसल खराब हो गई। जिसकी जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी दी गई थी लेकिन अधिकारी नुकसान की बात मानने को तैयार नहीं है। सीताराम की मौत के पीछे भी किसानों ने फसल का खराब होना ही बताया है।
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गांव के शिवनारायण, शिवप्रकाश, राजकुमार, भोला, राजकरन, जागेश्वर, बेलादेवी, बालकृष्ण, गुलाब पटेल, बच्चीलाल प्रजापति, राघवेंद्र, केदारनाथ, आशादेवी, प्रेमचंद्र, जगजीवन व भवानीदीन आदि ने बताया कि 10 नवंबर को बरूआ बांध से पहाड़ी तक गई नहर के गांव के पास कटने से 25 बीघे से ज्यादा की फसल जलमगभन हो गई थी। किसानों ने बताया कि हमने मंहगे बीज खरीद कर चना मसूर बोया था। कहा कि सीताराम ने खराब फसल होने के कारण ही फांसी लगा ली है। सभी किसानों ने फसल खराब होने पर मुआवजा की मांग की है।
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