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मुआवजा के लिए हाइवे जाम करने का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:10 AM IST
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प्रदर्शनकारियों को समझाते एसडीएम रजनीश मिश्रा और सीओ राजेश तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सब्जी मंडी में आग से राख हुईं दुकानों को देखकर गुरुवार सुबह दुकानदार फिर भड़क गए और मुआवजे की मांग को लेकर हाइवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। स्थिति संभालने के लिए एएसपी के नेतृत्व में आधा दर्जन थानों की पुलिस फोर्स व जनप्रतिनिधि व नेता भी पहुंच गई। लगभग दो घंटे तक दुकानदारों की सदर एसडीएम, सीओ व जनप्रतिनिधियों से बहस हुई। जिसके बाद मुआवजा दिलाने का आश्वासन पर दुकानदारों ने जाम नहीं लगाया और लौट गए।
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आग लगने की जानकारी होने पर सदर विधायक वीर सिंह पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव, पूर्व सांसद आरके पटेल, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, व्यापारी नेता शानू गुप्ता, बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, सपा जिलाध्यक्ष भइयालाल यादव, नरेंद्र कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष गुलाब चंद्र गुप्ता, गुलाब खां, फराज खां, भाजपा नेता प्रकाश मिश्रा व बसपा नेता जगदीश गौतम ने मौके पर जाकर दुकानदारों को सांत्वना दी।
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सभी ने शासन से दुकानदारों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। सदर एसडीएम रजनीश मिश्रा ने बताया कि दुकानदारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के लिए लिखा पढ़ी की जाएगी।
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कभी खेल मैदान था सब्जी मंडी स्थल
शहर के पुरानी बाजार में जिस स्थान पर सब्जी मंडी है, वहां कभी खेल का मैदान था। प्रशासन ने गल्ला मंडी परिसर में सब्जी और मांस की दुकानों को लगाने के लिए स्थान आवंटित कर रखा है लेकिन दुकानदारों ने वहां कोई व्यवस्था न होने की बात कहकर 20 सालों से इसी स्थान पर दुकान लगाते रहे हैं।
पहले फुटकर की दुकानें लगी और अब यहां स्थाई निर्माण कर दुकानदार थोक का काम करने लगे। कई बार सब्जी मंडी व गोश्त की दुकानों को हटाने के लिए अभियान भी चला लेकिन हर बार कुछ समय की मोहलत लेकर दुकानदार यहीं जमा रहे।
आसपास के लोग भी आ सकते थे चपेट में
सब्जी मंडी में जिस वक्त आग लगी, एक गैस एजेंसी का रसोई सिलेंडर से भरा ट्रक भी मंडी के पीछे खड़ा था। लेकिन आग लगते ही उसे समय रहते हटा दिया गया। स्थानीय लोगों की माने तो अगर सिलेंडर से भरे ट्रक को नहीं हटाया जाता तो आसपास के लोग भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
उधर, अग्निकांड के दौरान एक के बाद एक चार सिलेंडर भी फटे। ऐसे में सवाल उठता है कि सब्जी मंडी की दुकानों में रसोई गैस सिलेंडर कैसे पहुंचे। पुलिस की माने, तो दुकानों में रखे एक कामर्शियल समेत चार गैस सिलेंडर फटे हैं। यह सिलेंडर यहां कैसे आए।
इस संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि सब्जी मंडी के पीछे ही रसोई गैस का वितरण होता है। यहां के बचे सिलेंडर दुकानदारों के यहां रखे जाते हैं। इसके अलावा मंडी में चाय व पूड़ी की दुकानें भी हैं। दुकानदार शाम को ठेले समेत गैस सिलेंडर व अन्य सामान इन दुकानों में रखते हैं। साथ ही कुछ थोक दुकानदार रात को यहीं रुकते हैं और कभी कभार भोजन भी बनाते हैं। इसके लिए गैस सिलेंडर रखे जाते हैं।
सिलेंडर फटने के बाद बढ़ा आक्रोश
आग लगने की सूचना पर एकत्र दुकानदार व आसपास के लोगों का दावा है कि फायर ब्रिगेड को सूचना समय से दी गई। यदि दमकल के दोनों वाहन समय से आते तो आधे से ज्यादा दुकानों को बचाया जा सकता था। गैस सिलेंडर फटने के बाद ही लोगों का आक्रोश बढ़ा था। पहला सिलेंडर फटने पर आग बुझाने के लिए आगे बढ़े युवाओं की टोली भयभीत होकर लौट आई और फिर फायर ब्रिगेड के वाहन भी देरी से पहुंचे।
होती रही बहस कि कैसे लगी आग
चित्रकूट। शहर की सब्जी मंडी में आग कैसे लगी, इसकी जानकारी नहीं हो पाई। कुछ ने शार्ट सर्किट तो कुछ ने किसी दुकान में खाना बनाते समय आग लगने की संभावना जताई। इसके बाद एक के बाद एक चार सिलेंडरों के फटने और फायर ब्रिगेड के देरी से आने के कारण भारी नुकसान हुआ। मुख्यालय के पुरानी बाजार स्थित सब्जी मंडी में लगी आग का नजारा लोग दूर छतों से देखते रहे। सभी इसी बात पर बहस कर रहे कि आखिर आग लगी कैसे।
इनसेट...........
पहले भी लग चुकी आग
सब्जी मंडी में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। रमजान माह में बुधवार रात को लगभग एक करोड़ का नुकसान हुआ। इससे पहले 2015 के अक्टूबर में मोहर्रम पर्व के दौरान भी इसी सब्जी मंडी में आग लगी थी। जिसमें दस दुकानें जल गई थीं और करीब 20 लाख का नुकसान हुआ था।
पुलिस पर पथराव करने वाले नामजद
एएसपी अशोक कुमार ने बताया कि सब्जी मंडी में आग लगने के बाद पुलिस टीम पर पथराव करने और पुलिस वाहनों को तोड़ने पर दो रिपोर्ट लिखी गई। जिसमें कोतवाल व पुलिस कर्मियों पर पथराव करने वालों में सलीम पहलवान, हनीफ, सरफराज उर्फ छोटू, शानू तोतला, ईलू, चंदन, पप्पू, मुस्तफा, इकबाल, आजाद, अनीस, सद्दाम, लवलेश, शीबू, राजन, शेखू, रसीद नामजद किए गए।
इसके अलावा फायर ब्रिगेड के वाहन को तोड़ने और चालकों को घायल करने पर रईस, अनीस, अजीज उल्ला, नफीस व भोले को नामजद किया गया है। इसके अलावा दोनों मामलों में एक सैकड़ा अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।