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नहर कटने से 25 बीघा फसल हुई जलमग्न
ब्यूरो अमर उजाला चित्रकूट
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:27 PM IST
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शिवरामपुर के पास तरावं गांव के जलमग्न खेत
- फोटो : अमर उजाला
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बरूवा बांध से पहाड़ी तक जाने वाली नहर भैसोंधा पुल के पास दोपहर में कट गई। इससे कई किसानों के खेत जलमग्न हो गए। किसानों ने खुद ही कटे हुए स्थान में मिट्टी डालकर पानी के बहाव को रोका।
रबी की फसल की बुआई करने को सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोडा है। यह नहर बरूवा बांध से पहाड़ी गांव तक जाती है।
गुरुवार को भैसोंधा पुल के पास दो स्थानों पर नहर कट गई। कुछ ही देर में तरावं गांव के राजकुमार की सात बीघा, चुर सिंह की तीन बीघा चना, कल्लू सिंह की ढाई बीघा व वासूदेव की नौ बीघा मसूर, भागवत की डेढ बीघा,, शिव लाल की डेढ़ बीघा चना, कल्लू की डेढ़ बीघा चना, रमेश की डेढ़ बीघा, दिनेश की दो बीघे समेत कई किसानों के खेत में खड़ी अन्य फसलों में पानी भर गया। किसानों ने मोबाइल से अधिकारियों को सूचना दी पर मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
सिंचाई निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अमरनाथ गुुप्ता ने बताया कि कुछ किसानों ने खेतों की सिंचाई के लिए खुद नहर काटी है। एई जेई को मौके पर भेजा है।
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रबी की फसल की बुआई करने को सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोडा है। यह नहर बरूवा बांध से पहाड़ी गांव तक जाती है।
गुरुवार को भैसोंधा पुल के पास दो स्थानों पर नहर कट गई। कुछ ही देर में तरावं गांव के राजकुमार की सात बीघा, चुर सिंह की तीन बीघा चना, कल्लू सिंह की ढाई बीघा व वासूदेव की नौ बीघा मसूर, भागवत की डेढ बीघा,, शिव लाल की डेढ़ बीघा चना, कल्लू की डेढ़ बीघा चना, रमेश की डेढ़ बीघा, दिनेश की दो बीघे समेत कई किसानों के खेत में खड़ी अन्य फसलों में पानी भर गया। किसानों ने मोबाइल से अधिकारियों को सूचना दी पर मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
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सिंचाई निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अमरनाथ गुुप्ता ने बताया कि कुछ किसानों ने खेतों की सिंचाई के लिए खुद नहर काटी है। एई जेई को मौके पर भेजा है।
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