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टूटी पाइप लाइन, पेयजल की किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो चित्रकूट
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:38 AM IST
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भरतकूप कस्बे के सड़क किनारे लगे हैंडपंप से पानी भरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बे में जल संस्थान की पाइप लाइन बिछी है, लेकिन बढ़ते गर्मी में आपूर्ति बंद हो गई है। एक माह पूर्व तत्कालीन डीएम ने पाइप लाइन बदलने के आदेश दिए, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ है। जिससे जलापूर्ति बाधित है और दो हजार की आबादी हैंडपंप पर निर्भर है।
भरतकूप कस्बे में जलसंस्थान की पाइप लाइन तीन किमी तक मंदिर तक बिछी है। दो माह से आधी पाइप लाइन तक ही आपूर्ति होती थी, लेकिन अब वह भी बंद हो गई है। एक माह पूर्व मंडलायुक्त के साथ भरतकूप में लगी किसान चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम नीलम अहलावत से शिकायत की तो उन्होंने एक सप्ताह के अंदर पाइप बदलने के आदेश दिए थे। एक माह बाद भी अधिकारियों ने पाइप लाइन को नहीं बदला है, जिससे गर्मी में पेयजल संकट बढ़ रहा है।
व्यापार मंडल भरतकूप के अध्यक्ष श्रीराम गुप्ता ने बताया कि दो हजार की आबादी वाली बस्ती के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग सड़क किनारे लगे हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी के लिए लोग सुबह से ही हैंडपंप के पास लाइन लगाए खडे रहते हैं। महिलाएं और बच्चों की भीड़ दिनभर हैंडपंप के पास होने से दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है।
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भरतकूप कस्बे में जलसंस्थान की पाइप लाइन तीन किमी तक मंदिर तक बिछी है। दो माह से आधी पाइप लाइन तक ही आपूर्ति होती थी, लेकिन अब वह भी बंद हो गई है। एक माह पूर्व मंडलायुक्त के साथ भरतकूप में लगी किसान चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम नीलम अहलावत से शिकायत की तो उन्होंने एक सप्ताह के अंदर पाइप बदलने के आदेश दिए थे। एक माह बाद भी अधिकारियों ने पाइप लाइन को नहीं बदला है, जिससे गर्मी में पेयजल संकट बढ़ रहा है।
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व्यापार मंडल भरतकूप के अध्यक्ष श्रीराम गुप्ता ने बताया कि दो हजार की आबादी वाली बस्ती के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग सड़क किनारे लगे हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी के लिए लोग सुबह से ही हैंडपंप के पास लाइन लगाए खडे रहते हैं। महिलाएं और बच्चों की भीड़ दिनभर हैंडपंप के पास होने से दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है।
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