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‘डाकुओं’ को गुटखा-बीड़ी छोड़ कर विकास में हाथ बटाना चाहिए!

Sat, 27 May 2017 11:15 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Sat, 27 May 2017 11:15 PM IST
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'Bandits' should leave Gutkha-Bidi and keep their hands in development!
एनकाउंटर में भाग निकला बबुली कोल निराश पुलिस टीम
अमर उजाला ब्यूरो
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चित्रकूट।
शहर आए परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह मंत्री कम और प्रवचन देने वाले की भूमिका में अधिक दिखे। क्षेत्र के लिए नासूर और आतंक का पर्याय बने बबुली कोल, गोप्पा जैसे दुर्दांत डाकुओं पर शासन की इच्छा शक्ति और कार्ययोजना बताने की जगह कहा कि घर के कुछ बच्चे जब बिगड़ जाते हैं तो उससे घरों, समाज को नुकसान होता है। ऐसे बच्चों को गुटखा, बीड़ी छोड़कर विकास में हाथ बंटाना चाहिए। मंत्री का यह अजीबो गरीब आचरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना। लोग कहते दिखे कि ऐसे नेताओं की वजह से ही तो ये कुख्यात डकैत पनपते हैं।
शनिवार को धर्मनगरी के रानीपुर स्थित भाजपा नेता के आवास पर राज्यमंत्री ने मंदिर, मठ के साधुसंतों से भेंट की। इस दौरान मंत्री ने धर्मनगरी के साधु-संतों का सम्मान कर शाल व श्रीफल भेंट किया। उनसे विचार-विमर्श भी किया। इसके बाद पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने आम जनता से सीधे जुड़े मामलों पर अप्रत्याशित जवाब दिए। डाकुओं के आम जनता पर अत्याचार और सरकारी काम में बाधा से बुंदेलखंड को मुक्ति कब मिलेगी प्रश्न पर उन्होंने प्रवचन दे डाला। कहा कि घर में एक बिगड़ा बच्चा होता है तो पूरा परिवार नष्ट हो जाता है। बीड़ी सिगरेट व गुंडागर्दी छोड़कर भटके लोग समाज में लौटें और सामान्य जीवन जिएं। कुछ लोग गलत रास्ते में चले जाते हैं तो अपराधी बन जाते हैं। उनके इस जवाब से हतप्रभ ‘कई बार पत्रकारों ने टोककर डाकु बबुली कोल गोप्पा जैसे डाकुओं के सफाए के बारे में योजना जाननी चाही लेकिन वह हर बार टालमटोल करते रहे। गौरतलब है कि डाकू बबुली कोल गैंग पर 60 और डाकू गोप्पा गैंग पर 35 से ज्यादा हत्या, लूट, राहजनी, अपहरण, धमकी व रंगदारी वसूलने के मामले दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश क्षेत्र में चित्रकूट की सीमा  है। इससे तीर्थयात्रियों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। क्षेत्र को फ्री जोन करने की पुरानी मांग को भी मंत्री ने अनसुना कर दिया। यह आश्वासन जरूर दिया कि तीर्थयात्रियों को आवागमन से लेकर बैरियर तक में होने वाली परेशानी से छुटकारा दिलाया जाएगा। बांदा में एक महिला भाजपा नेता द्वारा पुलिस चौकी में सिपाही का गिरहबान पकड़ने के मामले पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।  
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‘मंदाकिनी प्रदूषण रोकने के लिए चलेगा अभियान’
चित्रकूट।
कामदगिरी मुख्यद्वार के महंत मदन गोपाल दास, भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास, निर्मोही अखाड़ा के दीपकदास, सीताशरण दास, गोविंददास आदि ने मंत्री को बताया कि मंदाकिनी में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना की तरह मंदाकिनी प्रदूषण रोकने की योजना सरकार चलवाए। इसी मंदाकिनी से क्षेत्र की पहचान है। इसके लिए मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा गया है।  इस पर राज्यमंत्री ने साधु-संतों से कहा कि मंदाकिनी प्रदूषण को रोकने के लिए आंदोलन के रूप में काम करने की जरूरत है। जिले में चल रहे कुछ प्रयास सराहनीय हैं। साधुसंतों को इसमें आगे आना चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अशोक जाटव, जिला प्रभारी पुरुषोत्तम पांडेय, विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, आनंद प्रताप सिंह व चंद्रप्रकाश खरे मौजूद रहे।
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