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शबरी प्रपात में स्नान करने पर लगाया जाये प्रतिबंध
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चित्रकूट/मानिकपुर। शबरी प्रपात स्थान की प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक देखने को आते है। शबरी प्रपात में भरे पानी में स्नान करना ही पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो जाता है। यहां गहराई पर स्नान करने में रोक लगानी चाहिए। जिससे हादसों से बचा जा सके।
मानिकपुर क्षेत्र के वनविभाग के मारकुंडी रेंज में प्राचीन शबरी प्रपात स्थान है। जहां वनविभाग की तरफ से सुंदरीकरण का कार्य किया है वही जिला प्रशासन की तरफ से भी शबरी प्रपात पर्यटन स्थल के बारे में प्रचार प्रसार किया गया। ताकि अधिक से अधिक पर्यटक आ सके। इसी कारण पर्यटकों का आना जाना लगा रहा है। बरसात के दिन में अधिक पर्यटक आते है। पिछले वर्ष शबरी प्रपात कुंड में नहाते समय कपड़ा कारोबारी की डूबने से मौत हो गई। इसके पहले मानिकपुर के तीन छात्र नहाने गये थे जिसमें एक की डूबने से मौत हुई थी। बावजूद इसके प्रशासन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किये। इसी तरह अन्य घटनाएं भी हो चुकी है। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन सहित वन विभाग चेता नहीं है। इस स्थान पर स्नान करने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। न ही कोई कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही है। स्थानीय समाज सेवियों ने मांग किया कि इस स्थान में नहाने पर प्रतिबंध लगाया जाये। इसके साथ ही एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाये।
लॉकडाउन होने पर आये थे घूमने
चित्रकूट/मानिकपुर। रविवार को लॉकडाउन होने से व्यापारी परिवार के युवक जो आपस में रिश्ते में भाई थे। मानिकपुर क्षेत्र के शबरी प्रपात पर्यटक स्थान पर मनोरंजन के लिए आए थे। उन्हें क्या मालूम कि जरा सी गलती से मौत के गाल में समा जायेंगे। बताया जा रहा है एक युवक स्नान करते समय मोबाइल से सेल्फी ले रहा था। उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। जिसको बचाने के चक्कर में अन्य युवक बचाने की कोशिश की पर गहरा पानी होने के कारण डूब गये। जंगल में शबरी प्रपात बना होने से स्थानीय निवासी भी उस स्थान पर नहीं रहते जो कि डूबे युवकों को बचा सके।
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शबरी जल प्रपात के आसपास पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई कार्य कराए गए हैं। बारिश के दिनों में गहरे व तेज बहाव में लोगों को नहाने के लिए मना किया जाता है, लेकिन उत्साह में कुछ लोग लापरवाही करते हैं।
कैलाश प्रकाश (डीएफओ )
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मानिकपुर क्षेत्र के वनविभाग के मारकुंडी रेंज में प्राचीन शबरी प्रपात स्थान है। जहां वनविभाग की तरफ से सुंदरीकरण का कार्य किया है वही जिला प्रशासन की तरफ से भी शबरी प्रपात पर्यटन स्थल के बारे में प्रचार प्रसार किया गया। ताकि अधिक से अधिक पर्यटक आ सके। इसी कारण पर्यटकों का आना जाना लगा रहा है। बरसात के दिन में अधिक पर्यटक आते है। पिछले वर्ष शबरी प्रपात कुंड में नहाते समय कपड़ा कारोबारी की डूबने से मौत हो गई। इसके पहले मानिकपुर के तीन छात्र नहाने गये थे जिसमें एक की डूबने से मौत हुई थी। बावजूद इसके प्रशासन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किये। इसी तरह अन्य घटनाएं भी हो चुकी है। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन सहित वन विभाग चेता नहीं है। इस स्थान पर स्नान करने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। न ही कोई कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही है। स्थानीय समाज सेवियों ने मांग किया कि इस स्थान में नहाने पर प्रतिबंध लगाया जाये। इसके साथ ही एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाये।
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लॉकडाउन होने पर आये थे घूमने
चित्रकूट/मानिकपुर। रविवार को लॉकडाउन होने से व्यापारी परिवार के युवक जो आपस में रिश्ते में भाई थे। मानिकपुर क्षेत्र के शबरी प्रपात पर्यटक स्थान पर मनोरंजन के लिए आए थे। उन्हें क्या मालूम कि जरा सी गलती से मौत के गाल में समा जायेंगे। बताया जा रहा है एक युवक स्नान करते समय मोबाइल से सेल्फी ले रहा था। उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। जिसको बचाने के चक्कर में अन्य युवक बचाने की कोशिश की पर गहरा पानी होने के कारण डूब गये। जंगल में शबरी प्रपात बना होने से स्थानीय निवासी भी उस स्थान पर नहीं रहते जो कि डूबे युवकों को बचा सके।
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शबरी जल प्रपात के आसपास पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई कार्य कराए गए हैं। बारिश के दिनों में गहरे व तेज बहाव में लोगों को नहाने के लिए मना किया जाता है, लेकिन उत्साह में कुछ लोग लापरवाही करते हैं।
कैलाश प्रकाश (डीएफओ )