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नवजात की मौत से नाराज परिजनों ने काटा हंगामा

Wed, 01 Jan 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 11:18 PM IST
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Angry family caused uproar due to newborn's death
चित्रकूट। जिला अस्पताल में मंगलवार की देर शाम एक नवजात की मौत हो गई। जिससे आक्रोशित परिजनों ने जमकर परिसर में हंगामा काटा। आरोप लगाया कि स्टाफ की लापरवाही के चलते नवजात की मौत हुई है। हंगामे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कराया है। प्रसूता अस्पताल में भर्ती है।
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मुख्यालय के एक मोहल्ले की प्रसूता को परिजन सोमवार की देर रात जिला अस्पताल ले गये। स्टाफ नर्सों ने प्रसव में समय की बात कह भर्ती नहीं किया लेकिन प्रसूता को लेकर परिजन अस्पताल में ही मौजूद रहे। मंगलवार की सुबह प्रसूता को भर्ती किया। देर शाम उसने नवजात को जना। कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। इसकी जानकारी होते ही परिजनों ने परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि पहले स्टाफ ने प्रसूता को भर्ती करने से इंकार किया फिर बेड खाली न होने की बात कही। इसके बाद प्रसव दौरान से लेकर नवजात के जन्म होने तक कई बार लापरवाही की। आरोपियों पर लापरवाही बरतने की कार्रवाई की मांग करने लगे।
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जानकारी होते ही सीएमएस डा. आरके गुप्ता व डा.रामरतन मौके पर पहुंचे। प्रसूता ने बताया कि सोमवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल आई। आरोप लगाया कि स्टाफ नर्सों ने ध्यान नहीं दिया। सही उपचार न होने से प्रसव पीड़ा बढ़ने पर प्रयागराज के लिए रेफर करने की बात कही। इस दौरान मौजूद डाक्टर व स्टाफ ने बताया कि प्रसूता की हालत गंभीर थी। जिससे उसे रेफर कर दिया गया था। कई घंटे तक परिजन उसे लेकर बैठे रहे और प्रयागराज न ले जाकर स्टाफ को गरीबी की दास्तां सुनाई। आरजू मिन्नते भी की। तब कहीं जाकर उनके कहने पर प्रसव कराया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराकर मृत नवजात का पोस्टमार्टम को भेजा है। सीएमएस ने बताया कि प्रथम दृष्टया स्टाफ से पूछताछ की गई है जिसमें यह सामने आया कि बच्चा कमजोर था और वह गंदा पानी भी पी गया था। जिससे उसका बचना मुश्किल था इसीलिए रेफर किया गया था लेकिन परिजन प्रसूता को बाहर नहीं ले गए।
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जिसने अपर मुख्य अधिकारी पर लगाया था आरोप
चित्रकूट। इस प्रकरण में यह गौरतलब है कि प्रसूता वही है जिसने दो माह पूर्व जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार पर घर में काम कराने के दौरान दुष्कर्म करने व गर्भ ठहरने पर उसे धमकी देकर भगा दिया था। इस मामले की कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। इसी मामले में अपर मुख्य अधिकारी निलंबित हुए थे।

अपर मुख्य अधिकारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला ने जिला अस्पताल में भर्ती के समय अपना नाम लिखाने के बाद पति के नाम पर अपर मुख्य अधिकारी का नाम लिखाया है। इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि उनसे इससे कोई मतलब नहीं है उन्हें फंसाने की साजिश की जा रही है। इस मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है।
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