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साहब, हमरे इनका पुलिस लई गई
Chitrakoot
Updated Thu, 24 Jul 2014 05:30 AM IST
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चित्रकूट। साहब, हमरे इनका पुलिस वाले लिवा लई गए। कहत रहे चलो बहिलपुरवा थाना एसओ बुलाइन हैं। हम कहा कि रात मा न भिजबे तो कहिन बस पांच मिनट मा छोड़ देब। तब से लेकर आज तक आठ दिन हुइगे, इनकर पता निहाय। पुलिस थाने से भगाय देति ही और अफसर सुनत नाहीं...। यह कहते-कहते रानी देवी फफक पड़ी। रानी देवी बरुई निवासी उसी अशोक कुमार पटेल की पत्नी है, जिसका अन्य चार ग्रामीणों के साथ रहस्यमय ढंग से 16 जुलाई की रात अपहरण हो गया था। इनमें से एक तो लौट आया है पर अन्य तीन के घरवालों को न तो अपने लोगों का कोई सुराग मिल पा रहा है और न पुलिस ही कुछ बता रही है।
बहिलपुरवा थाने के ददरी गांव के मजरे बिलहरी निवासी द्वारिका यादव का बुधवार दोपहर देवांगना घाटी से अपहरण हो गया था। द्वारिका को पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अधिकारी इसे मानने को भी तैयार नहीं। उसके अपहरण होने के कुछ ही घंटे बाद रात में बरुई के ही अशोक, जियालाल पटेल, अशोक कुमार निवासी तालातीर और कल्लू उर्फ कुल्लू निवासी टेढ़ीपुरवा भी गायब हो गए। बुधवार को बरुई और टेढ़ीपुरवा गांव के अन्य लोगों के साथ इन लोगों के परिजन मुख्यालय अफसरों से गुहार लगाने आए। इनका कहना था कि किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। अशोक निवासी बरुई की पत्नी रानी अपनी पुत्री रेनू (13) और भरतलाल (11) के साथ आई थी। उसने घटना के संबंध में बताया कि उस रात कई लोग पुलिस की वर्दी में आए थे। ये लोग, बहिलपुरवा एसओ बुला रहे हैं और जियालाल के घर का रास्ता भी बताना है, कहकर अशोक को अपने साथ लिवा ले गए। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ही उसको उठा ले गई है। बरुई निवासी अशोक के पिता बैजनाथ ने बताया कि दूसरे दिन तालातीर निवासी अशोक तो लौट आया पर बाकी तीनों का कोई पता नहीं। टेढ़ीपुरवा निवासी कुल्लू के भतीजे लवलेश पटेल ने बताया कि उसके चाचा को पुलिस डकैतों को संरक्षण देने का आरोप लगा उठा ले गई। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोई सुनवाई नहीं हुई तो वे लोग एसपी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ जाएंगे।
इंसेट-----------------
जानकारी देने से कतरा रही पुलिस
ग्रामीणों के गायब होने के बाद से पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते रहे हैं। कुछ ने इनको गैंग का सदस्य भी बताया और कहा कि ये लोग गैंग से जा मिले हैं। यह बात सामने आई कि अपने मुखबिर को छुड़ाने के लिए इन चार लोगों को पुलिस ने उठाकर गौरी यादव गिरोह को सौंप दिया गया। हालांकि इन सभी के परिजन लगातार इस बात से इंकार करते रहे हैं कि किसी भी युवक का बलखड़िया के गिरोह से अंदरूनी संबंध रहा है।
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साहब, हम दोउनो तरफ से मरत हन
अशोक का पिता बैजनाथ कहता है कि पूरा गांव इस बात से दोहरी मार झेल रहा है कि बरुई गांव बलखड़िया का गांव है। आएदिन वहां गैंग के लोग आते हैं, किसी की मजाल है कि इनको खानापानी देने से मना करे। उधर, पुलिसवाले कहते हैं कि तुम दस्युओं को संरक्षण देते हो। उसने कहा कि हमें बलखड़िया से कौनो खुशी नहीं। अपनै जात के आदमिन का मरवावत है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके लड़के को पुलिसवाले ही ले गए हैं।
कहीं कोई जानकारी ही नहीं
एएसपी आरडी चौरसिया का कहना था कि मुझे तो कोई जानकारी नहीं। न ही गायब हुए ग्रामीणों के परिजनों ने बहिलपुरवा थाने में कोई तहरीर दी। जब उनसे बताया गया कि इस संबंध में घटना के अगले दिन डीआईजी से बातचीत हुई थी और बताया गया था कि कथित रूप से अपहृतों के परिजन थाना बहिलपुरवा में बैठे हैं तो उन्होंने बताया था कि तहरीर लेकर मामला भी दर्ज कराया गया है, इस पर अपर एसपी का कहना था कि मुझे तो जानकारी नहीं। न आज परिजनों ने उनसे मुलाकात की है। उधर, थाना बहिलपुरवा एसओ एमए खान का कहना था कि जिन लोगों के गायब होने की बात इनके परिजन कह रहे हैं, उनके बारे में परिजनों को जानकारी है कि वे कहां गए हैं।
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सवर्ण आयोग गठन के लिए भेजा ज्ञापन
चित्रकूट। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने ट्रैफिक चौराहे से तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला और नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें सवर्ण रक्षा आयोग के गठन की मांग की गई।
इसके अलावा ज्ञापन में तुलसी शोध संस्थान की स्थापना, कक्षा एक से बारहवीं तक संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य किए जाने, परशुराम पार्क की स्थापना और इसमें भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने, पिछली सरकार में फर्जी तरीके से फंसाए गए लोगों पर मुकदमा वापस लिए जाने, पंडितों-पुरोहितों के लिए मासिक पेंशन योजना, महासभा के जिलाध्यक्षों को सपा की जिला कमेटियों में उपाध्यक्ष नामित किए जाने, ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. केसी पांडे को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने आदि की मांगें शामिल हैं। इनकी अगुवाई जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप मिश्रा ने की। इस मौके पर डा. सुरेंद्र मोहन द्विवेदी, बालेंद्र द्विवेदी, एसपी त्रिपाठी, राजनारायण मिश्र, अखिलेश तिवारी, मुन्ना पाठक, जितेंद्र पांडे, जितेंद्र करवरिया, अभिषेक द्विवेदी, अजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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बहिलपुरवा थाने के ददरी गांव के मजरे बिलहरी निवासी द्वारिका यादव का बुधवार दोपहर देवांगना घाटी से अपहरण हो गया था। द्वारिका को पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अधिकारी इसे मानने को भी तैयार नहीं। उसके अपहरण होने के कुछ ही घंटे बाद रात में बरुई के ही अशोक, जियालाल पटेल, अशोक कुमार निवासी तालातीर और कल्लू उर्फ कुल्लू निवासी टेढ़ीपुरवा भी गायब हो गए। बुधवार को बरुई और टेढ़ीपुरवा गांव के अन्य लोगों के साथ इन लोगों के परिजन मुख्यालय अफसरों से गुहार लगाने आए। इनका कहना था कि किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। अशोक निवासी बरुई की पत्नी रानी अपनी पुत्री रेनू (13) और भरतलाल (11) के साथ आई थी। उसने घटना के संबंध में बताया कि उस रात कई लोग पुलिस की वर्दी में आए थे। ये लोग, बहिलपुरवा एसओ बुला रहे हैं और जियालाल के घर का रास्ता भी बताना है, कहकर अशोक को अपने साथ लिवा ले गए। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ही उसको उठा ले गई है। बरुई निवासी अशोक के पिता बैजनाथ ने बताया कि दूसरे दिन तालातीर निवासी अशोक तो लौट आया पर बाकी तीनों का कोई पता नहीं। टेढ़ीपुरवा निवासी कुल्लू के भतीजे लवलेश पटेल ने बताया कि उसके चाचा को पुलिस डकैतों को संरक्षण देने का आरोप लगा उठा ले गई। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोई सुनवाई नहीं हुई तो वे लोग एसपी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ जाएंगे।
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जानकारी देने से कतरा रही पुलिस
ग्रामीणों के गायब होने के बाद से पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते रहे हैं। कुछ ने इनको गैंग का सदस्य भी बताया और कहा कि ये लोग गैंग से जा मिले हैं। यह बात सामने आई कि अपने मुखबिर को छुड़ाने के लिए इन चार लोगों को पुलिस ने उठाकर गौरी यादव गिरोह को सौंप दिया गया। हालांकि इन सभी के परिजन लगातार इस बात से इंकार करते रहे हैं कि किसी भी युवक का बलखड़िया के गिरोह से अंदरूनी संबंध रहा है।
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साहब, हम दोउनो तरफ से मरत हन
अशोक का पिता बैजनाथ कहता है कि पूरा गांव इस बात से दोहरी मार झेल रहा है कि बरुई गांव बलखड़िया का गांव है। आएदिन वहां गैंग के लोग आते हैं, किसी की मजाल है कि इनको खानापानी देने से मना करे। उधर, पुलिसवाले कहते हैं कि तुम दस्युओं को संरक्षण देते हो। उसने कहा कि हमें बलखड़िया से कौनो खुशी नहीं। अपनै जात के आदमिन का मरवावत है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके लड़के को पुलिसवाले ही ले गए हैं।
कहीं कोई जानकारी ही नहीं
एएसपी आरडी चौरसिया का कहना था कि मुझे तो कोई जानकारी नहीं। न ही गायब हुए ग्रामीणों के परिजनों ने बहिलपुरवा थाने में कोई तहरीर दी। जब उनसे बताया गया कि इस संबंध में घटना के अगले दिन डीआईजी से बातचीत हुई थी और बताया गया था कि कथित रूप से अपहृतों के परिजन थाना बहिलपुरवा में बैठे हैं तो उन्होंने बताया था कि तहरीर लेकर मामला भी दर्ज कराया गया है, इस पर अपर एसपी का कहना था कि मुझे तो जानकारी नहीं। न आज परिजनों ने उनसे मुलाकात की है। उधर, थाना बहिलपुरवा एसओ एमए खान का कहना था कि जिन लोगों के गायब होने की बात इनके परिजन कह रहे हैं, उनके बारे में परिजनों को जानकारी है कि वे कहां गए हैं।
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सवर्ण आयोग गठन के लिए भेजा ज्ञापन
चित्रकूट। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने ट्रैफिक चौराहे से तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला और नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें सवर्ण रक्षा आयोग के गठन की मांग की गई।
इसके अलावा ज्ञापन में तुलसी शोध संस्थान की स्थापना, कक्षा एक से बारहवीं तक संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य किए जाने, परशुराम पार्क की स्थापना और इसमें भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने, पिछली सरकार में फर्जी तरीके से फंसाए गए लोगों पर मुकदमा वापस लिए जाने, पंडितों-पुरोहितों के लिए मासिक पेंशन योजना, महासभा के जिलाध्यक्षों को सपा की जिला कमेटियों में उपाध्यक्ष नामित किए जाने, ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. केसी पांडे को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने आदि की मांगें शामिल हैं। इनकी अगुवाई जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप मिश्रा ने की। इस मौके पर डा. सुरेंद्र मोहन द्विवेदी, बालेंद्र द्विवेदी, एसपी त्रिपाठी, राजनारायण मिश्र, अखिलेश तिवारी, मुन्ना पाठक, जितेंद्र पांडे, जितेंद्र करवरिया, अभिषेक द्विवेदी, अजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।