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माहौल बिगड़ने पर जिम्मेदारी डीएम, एसपी की- कमिश्नर
Chitrakoot
Updated Sat, 12 Oct 2013 05:39 AM IST
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चित्रकूट। मंडलायुक्त अशोक दीक्षित ने कहा कि अगर जिले में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की होगी। उन्होंने आला अफसरों को सरकार के निर्देशों का पालन करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने को कहा।
कमिश्नर शुक्रवार को जिले में सांप्रदायिक सौहार्द, कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को बैठक कर रहे थे। इस मौके पर पुलिस उप महानिरीक्षक सुग्रीव गिरि भी मौजूद थे। कमिश्नर ने अफसरों से कहा कि दुर्गा पूजा, बकरीद, दीपावली और मोहर्रम आदि पर्वों पर शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी आपकी है। प्रदेश का माहौल संवेदनशील है। चुनाव को देखते हुए माहौल बिगाड़ने की स्थिति पैदा की जा सकती है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सरकार के निर्देशों का पालन करें, माहौल बिगड़ता है तो जिम्मेदारी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की होगी। गांवों में सूचना तंत्र विकसित किया जाए। शांति समितियों का पुनर्गठन कर लिया जाए और अच्छे लोगों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि धारा 110 में डकैतों को पाबंद करें और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों पर भारी मुचलका लगाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा से कहा कि वे सभी कार्यवाहियों की सूचना शासन को दें। अगर सीओ और एसओ किसी प्रकार की शिथिलता बरतते पाए जाएं तो इन पर भी कार्रवाई हो। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने वाहनों में हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट, डंडा, टार्च, लाउडस्पीकर सेट आदि सामग्री अवश्य साथ में रखें। पटाखा कारखानों को भी समय रहते देख लें। पुलिस उप महानिरीक्षक ने भी जिलाधिकारी की हिदायतों को अमल में लाने की सलाह अधीनस्थों को दी। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस संजीव कुमार, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक आरडी चौरसिया सहित विभिन्न पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट -------------------
कमिश्नर, डीआईजी के टिप्स
- समय रहते बल प्रयोग करने में हिचक नहीं होनी चाहिए
- वाहनों और शस्त्र सामग्रियों का भली भांति परीक्षण कर लिया जाए
- अपराधियों को पाबंद करने में पांच लाख तक का मुचलका भरें
- सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने आदि में 153 ए के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाए
- 27 अक्तूबर को पुलिस भर्ती परीक्षा के समय स्टेशनों पर चौकसी रखें
- सुअरों का विचरण सभी जगह बंद रखा जाए।
- मूर्ति विसर्जन स्थानों को वरिष्ठ अधिकारी भी देख लें।
- मूर्ति पांडालों पर एसओ, सीओ और एसडीएम रोजाना शाम पांच से रात 8 बजे तक गश्त करें।
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कमिश्नर शुक्रवार को जिले में सांप्रदायिक सौहार्द, कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को बैठक कर रहे थे। इस मौके पर पुलिस उप महानिरीक्षक सुग्रीव गिरि भी मौजूद थे। कमिश्नर ने अफसरों से कहा कि दुर्गा पूजा, बकरीद, दीपावली और मोहर्रम आदि पर्वों पर शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी आपकी है। प्रदेश का माहौल संवेदनशील है। चुनाव को देखते हुए माहौल बिगाड़ने की स्थिति पैदा की जा सकती है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सरकार के निर्देशों का पालन करें, माहौल बिगड़ता है तो जिम्मेदारी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की होगी। गांवों में सूचना तंत्र विकसित किया जाए। शांति समितियों का पुनर्गठन कर लिया जाए और अच्छे लोगों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि धारा 110 में डकैतों को पाबंद करें और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों पर भारी मुचलका लगाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा से कहा कि वे सभी कार्यवाहियों की सूचना शासन को दें। अगर सीओ और एसओ किसी प्रकार की शिथिलता बरतते पाए जाएं तो इन पर भी कार्रवाई हो। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने वाहनों में हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट, डंडा, टार्च, लाउडस्पीकर सेट आदि सामग्री अवश्य साथ में रखें। पटाखा कारखानों को भी समय रहते देख लें। पुलिस उप महानिरीक्षक ने भी जिलाधिकारी की हिदायतों को अमल में लाने की सलाह अधीनस्थों को दी। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस संजीव कुमार, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक आरडी चौरसिया सहित विभिन्न पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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इनसेट -------------------
कमिश्नर, डीआईजी के टिप्स
- समय रहते बल प्रयोग करने में हिचक नहीं होनी चाहिए
- वाहनों और शस्त्र सामग्रियों का भली भांति परीक्षण कर लिया जाए
- अपराधियों को पाबंद करने में पांच लाख तक का मुचलका भरें
- सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने आदि में 153 ए के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाए
- 27 अक्तूबर को पुलिस भर्ती परीक्षा के समय स्टेशनों पर चौकसी रखें
- सुअरों का विचरण सभी जगह बंद रखा जाए।
- मूर्ति विसर्जन स्थानों को वरिष्ठ अधिकारी भी देख लें।
- मूर्ति पांडालों पर एसओ, सीओ और एसडीएम रोजाना शाम पांच से रात 8 बजे तक गश्त करें।