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मनरेगा से बन गए 90 आंगनबाड़ी केंद्र
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:37 PM IST
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90 आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार, गुणवत्ता की होगी जांच
चित्रकूट। पिछडे़ जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मनरेगा योजना की धनराशि की सहायता से 114 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें 90 आंगनबाड़ी केंद्रों बनकर तैयार हो गये हैं। जिसमेें बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी कार्य भी होंगे। एक आंगनबाड़ी केंद्र की लागत 8 लाख 6 हजार रखी गई है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है। मनरेगा की धनराशि की सहायता से जिले में 114 आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मनरेगा योजना के अलावा बाल विकास विभाग 2 लाख 90 हजार रुपये व पंचायती राज विभाग 1 लाख 6 हजार रुपये भी लगा रहा है। बाल विकास व पुष्टाकार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमांत श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय 90 आंगबाड़ी केंद्र बनकर तैयार हो गये हैं। इससे बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही जच्चा- बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी कार्य होंगे।
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि मनरेगा से जिले में कई काम संचालित हैं। इसी योजना से आंगनबाड़ी निर्माण कार्य को मानक व गुणवत्ता पूर्ण कराने के निर्देश हैं। अबतक जो बनकर तैयार हो गए हैं उनकी जांच कराई जाएगी। क्षेत्रीय नोडल अधिकारी इसकी रिपोर्ट देंगे।
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चित्रकूट। पिछडे़ जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मनरेगा योजना की धनराशि की सहायता से 114 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें 90 आंगनबाड़ी केंद्रों बनकर तैयार हो गये हैं। जिसमेें बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी कार्य भी होंगे। एक आंगनबाड़ी केंद्र की लागत 8 लाख 6 हजार रखी गई है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है। मनरेगा की धनराशि की सहायता से जिले में 114 आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मनरेगा योजना के अलावा बाल विकास विभाग 2 लाख 90 हजार रुपये व पंचायती राज विभाग 1 लाख 6 हजार रुपये भी लगा रहा है। बाल विकास व पुष्टाकार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमांत श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय 90 आंगबाड़ी केंद्र बनकर तैयार हो गये हैं। इससे बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही जच्चा- बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी कार्य होंगे।
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जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि मनरेगा से जिले में कई काम संचालित हैं। इसी योजना से आंगनबाड़ी निर्माण कार्य को मानक व गुणवत्ता पूर्ण कराने के निर्देश हैं। अबतक जो बनकर तैयार हो गए हैं उनकी जांच कराई जाएगी। क्षेत्रीय नोडल अधिकारी इसकी रिपोर्ट देंगे।
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