{"_id":"574365314f1c1b1d16691b47","slug":"water-coming-from-sonbhadra","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोनभद्र से ले आ रहे पेयजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनभद्र से ले आ रहे पेयजल
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Tue, 24 May 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
पानी लेकर आतीं महिलाएं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौली-सोनभद्र जिले की सीमा पर स्थित विकास खंड क्षेत्र के धवठवां गांव के ग्रामीण इनदिनों सोनभद्र जिले से पानी लाकर पी रहे हैं। गांव में लगे हैंडपंप पूरी तरह से जवाब दे चुके हैं। वहीं कुएं भी सूख गए हैं।
इसके चलते ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाकर सोनभद्र जिले के तकिया गांव से पानी लाकर पीना पड़ रहा है। अब तकिया गांव के ग्रामीण धवठवां गांव के लोगों को पानी ले जाने से मना कर रहे हैं। इससे धवठवां के ग्रामीणों को नहीं सूझ रहा कि पानी के लिए अब कहां जाएं।
धवठवां गांव में घुसते ही सोलर पंप लगा है लेकिन सोलर पैनल गायब होने की वजह से यह निष्प्रयोज्य हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने सोलर पैनल को खोलकर अपने घर लगा लिया है। इसकी वजह से सोलर पंप में लगे सबमर्सिबल पंप का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। वहीं गावं में लगे हैंडपंप पिछले काफी दिनों से खराब पड़े हैं। गांव में स्थित विशाल कुआं भी अब सूख चुका है। प्राथमिक विद्यालय पर लगा हैंडपंप भी पिछले कई माह से खराब है। इससे रसोईयों को एमडीएम बनाने के लिए सूरज उगते ही पानी के लिए तकिया गांव जाना पड़ता है। रात में पानी समाप्त हो जाने के बाद लोगों को पूरी रात प्यासे ही रहना पड़ता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जयमोहनी पोस्ता गांव के ग्राम प्रधान ने 90 हजार रुपये खर्च कर गांव के कुछ हैंडपंपों की मरम्मत कराई थी लेकिन जलस्तर काफी नीचे चले जाने की वजह से हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। ग्राम प्रधान हीरावती देवी का कहना है कि नया टैंकर खरीदने के लिए ब्लाक प्रशासन द्वारा धन मुहैया नहीं कराया जा रहा है। जिससे गांव में समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके चलते ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाकर सोनभद्र जिले के तकिया गांव से पानी लाकर पीना पड़ रहा है। अब तकिया गांव के ग्रामीण धवठवां गांव के लोगों को पानी ले जाने से मना कर रहे हैं। इससे धवठवां के ग्रामीणों को नहीं सूझ रहा कि पानी के लिए अब कहां जाएं।
विज्ञापन
धवठवां गांव में घुसते ही सोलर पंप लगा है लेकिन सोलर पैनल गायब होने की वजह से यह निष्प्रयोज्य हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने सोलर पैनल को खोलकर अपने घर लगा लिया है। इसकी वजह से सोलर पंप में लगे सबमर्सिबल पंप का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। वहीं गावं में लगे हैंडपंप पिछले काफी दिनों से खराब पड़े हैं। गांव में स्थित विशाल कुआं भी अब सूख चुका है। प्राथमिक विद्यालय पर लगा हैंडपंप भी पिछले कई माह से खराब है। इससे रसोईयों को एमडीएम बनाने के लिए सूरज उगते ही पानी के लिए तकिया गांव जाना पड़ता है। रात में पानी समाप्त हो जाने के बाद लोगों को पूरी रात प्यासे ही रहना पड़ता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जयमोहनी पोस्ता गांव के ग्राम प्रधान ने 90 हजार रुपये खर्च कर गांव के कुछ हैंडपंपों की मरम्मत कराई थी लेकिन जलस्तर काफी नीचे चले जाने की वजह से हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। ग्राम प्रधान हीरावती देवी का कहना है कि नया टैंकर खरीदने के लिए ब्लाक प्रशासन द्वारा धन मुहैया नहीं कराया जा रहा है। जिससे गांव में समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन