Chandauli News: शहाबगंज ब्लॉक के एडीओ कार्यालय में जाम छलकाने का वीडियो वायरल, दो सफाईकर्मी निलंबित
चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक के एडीओ कार्यालय में शराब पीने का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक के एडीओ कार्यालय में शराब पीने का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही महकमें में खलबली मच गई। वायरल वीडियो के आधार पर डीपीआरओ ने दो सफाईकर्मियों को चिन्हित करते निलंबित कर दिया। वहीं निलंबन की कार्रवाई होते ही विभाग में हड़कंप मच गया।
एडीओ पंचायत कार्यालय में कार्यालय सहायक के तौर पर आधा दर्जन सफाईकर्मियों को नियुक्त किया गया है, जो विभागीय कार्यों में कार्यालय की मदद करते हैं। इसी में से एक सफाईकर्मी शाम के समय कार्यालय में बैठकर शराब पी रहा था। इसका वीडियो बनाकर साथी सफाईकर्मी ने गुरुवार को वायरल कर दिया।
इस बाबत डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे ने बताया कि कार्यालय में शराब पीने का वीडियो सामने आया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दो सफाईकर्मियों लाल बिहारी व विजय साहू को कार्यालय में बैठकर शराब पीने के मामले में निलम्बित कर दिया गया है। साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
अनुशासनहीनता के आरोप में प्रवक्ता निलंबित
प्रधानाचार्य के साथ गाली-गलौज, मारपीट और अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोपों से घिरे नेशनल इंटर कॉलेज सैयदराजा के प्रवक्ता को निलंबित कर दिया गया है। प्रधानाचार्य की शिकायत के बाद प्रबंधक ने यह कार्रवाई की। जिला विद्यालय निरीक्षक को भी कार्रवाई के बाबत जानकारी दे दी गई है।
नेशनल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल सिंह ने लिखित तौर पर शिकायत दर्ज कराई थी कि इतिहास विषय के प्रवक्ता आनंद सिंह न तो समय से विद्यालय आते हैं ना ही छात्रों का क्लास लेते हैं। टोकने पर मारपीट और गाली -गलौच पर उतारू हो जाते हैं। प्रबंधक अवध बिहारी सिंह ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया। प्रवक्ता के इस आचरण को शिक्षक नियमावली के खिलाफ पाया गया।
प्रबंध कमेटी से सलाह के बाद आनंद सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। प्रबंधक ने बताया कि प्रबंध समिति के सदस्य और विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापकों की पांच सदस्यीय कमेटी को जांच कर दो माह में आख्या प्रस्तुत करने संबंधी निर्देश दिए गए हैं। डीआईओएस को भी घटनाक्रम और कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है।