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Chandauli News: कोल मंडी में जीएसटी टीम की कार्रवाई पर हंगामा, अधिकारी को कार्यालय में बैठाया
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चंदासी में कोल व्यापारियों के कार्यालय में बैठे राज्य कर अधिकारी बाल चंद। (बाएं
पीडीडीयू नगर। चंदासी कोल मंडी में रविवार की सुबह उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब जीएसटी वाराणसी की टीम ट्रकों के नंबर दर्ज कर रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही मंडी के व्यापारियों ने विरोध किया और टीम के अधिकारियों को अपने कार्यालय ले गए। मामला बढ़ता देख उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति शांत हुई।
मंडी में प्रतिदिन 800 से 1000 ट्रक कोयला लेकर आते हैं और करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। यही वजह है कि जीएसटी की नजरें लगातार मंडी पर रहती हैं। रविवार को जीएसटी टीम मोबाइल यूनिट सेकेंड से आए राज्य कर अधिकारी बाल चंद के नेतृत्व में टीम ट्रकों की वेरिफिकेशन कर रही थी। इस दौरान व्यापारियों को टीम के हाथ में नंबरों की सूची दिखी तो वे भड़क गए और सवाल करने लगे कि किस नियम के तहत ट्रकों की गिनती की जा रही है। बातचीत के दौरान मंडी में भीड़ लग गई । बाद में व्यापारियों ने अधिकारियों को अपने कार्यालय ले जाकर वार्ता की। जीएसटी अधिकारी बाल चंद ने बताया कि मैं हाल ही में गोरखपुर से वाराणसी ट्रांसफर होकर आया हूं। वरिष्ठ अधिकारियों व असिस्टेंट कमिश्नर के निर्देश पर ट्रकों की वेरिफिकेशन के लिए मंडी आया था।
वहीं दूसरी ओर कोल ट्रेडर्स एसोसिएशन चंदासी के अध्यक्ष मोहित बगड़िया ने आरोप लगाया कि अधिकारी लगातार तीन-चार दिन से मंडी में आकर ट्रकों के नंबर नोट कर रहे थे, जिससे व्यापारियों के बीच भय का माहौल बन गया था। उन्होंने कहा कि अब तक विभाग द्वारा गड़बड़ी मिलने पर एसआईबी जांच करती रही है। लेकिन इस तरह की रेकी से व्यापारी असहज महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों और अधिकारियों के बीच चली बातचीत और जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन मंडी में इस घटना के बाद तनाव और असमंजस का माहौल बना हुआ है।
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मंडी में प्रतिदिन 800 से 1000 ट्रक कोयला लेकर आते हैं और करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। यही वजह है कि जीएसटी की नजरें लगातार मंडी पर रहती हैं। रविवार को जीएसटी टीम मोबाइल यूनिट सेकेंड से आए राज्य कर अधिकारी बाल चंद के नेतृत्व में टीम ट्रकों की वेरिफिकेशन कर रही थी। इस दौरान व्यापारियों को टीम के हाथ में नंबरों की सूची दिखी तो वे भड़क गए और सवाल करने लगे कि किस नियम के तहत ट्रकों की गिनती की जा रही है। बातचीत के दौरान मंडी में भीड़ लग गई । बाद में व्यापारियों ने अधिकारियों को अपने कार्यालय ले जाकर वार्ता की। जीएसटी अधिकारी बाल चंद ने बताया कि मैं हाल ही में गोरखपुर से वाराणसी ट्रांसफर होकर आया हूं। वरिष्ठ अधिकारियों व असिस्टेंट कमिश्नर के निर्देश पर ट्रकों की वेरिफिकेशन के लिए मंडी आया था।
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वहीं दूसरी ओर कोल ट्रेडर्स एसोसिएशन चंदासी के अध्यक्ष मोहित बगड़िया ने आरोप लगाया कि अधिकारी लगातार तीन-चार दिन से मंडी में आकर ट्रकों के नंबर नोट कर रहे थे, जिससे व्यापारियों के बीच भय का माहौल बन गया था। उन्होंने कहा कि अब तक विभाग द्वारा गड़बड़ी मिलने पर एसआईबी जांच करती रही है। लेकिन इस तरह की रेकी से व्यापारी असहज महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों और अधिकारियों के बीच चली बातचीत और जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन मंडी में इस घटना के बाद तनाव और असमंजस का माहौल बना हुआ है।
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