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Chandauli News: महिला सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहींः डाॅ. अर्चना
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चंदौली। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ अर्चना मजूमदार राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में जनसुनवाई कार्यक्रम में मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मामलों की सुनवाई की ।
आयोग द्वारा कुल 33 लंबित प्रकरणों की सूची प्रेषित की गयी थी, जिसमें से 19 वादकारी उपस्थित हुए, इसके अतिरिक्त सात नये प्रकरण भी सम्मिलित हुए, जिसमें सुनवाई की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए समयबद्ध एक्शन टेकर रिपोर्ट (एटीआर) प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। विभिन्न महिलाओं के प्रकरण जो घरेलू हिंसा से संबंधित है तथा वाद न्यायालय में लम्बित है। ऐसे पीड़ितों के बच्चों को स्पॉन्शरशिप योजना से आच्छादित किये जाने के साथ-साथ समाज कल्याण तथा कौशल विकास विभाग से उन महिलाओं को प्रशिक्षण तथा आवश्यक सामग्री प्रदान किए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
आयोग की सदस्य डाॅ.अर्चना मजूमदार ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक सदर, क्षेत्राधिकारी सदर राजेश राय, क्षेत्राधिकारी मुगलसराय आशुतोष, उपजिलाधिकारी अविनाश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.वाईके राय आदि उपस्थित रहे।
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इसके अलावा उन्होंने वन स्टाप सेन्टर का निरीक्षण किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त प्रकरणों पर असंतोष व्यक्त किया गया।
साथ ही वन स्टाप सेंटर के कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि विभिन्न पुलिस थानों से घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला उत्पीड़न तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के विभिन्न श्रेणियों यथा अति गम्भीर, गम्भीर तथा सामान्य श्रेणियों में पंजीकृत वादों का स्पष्ट विवरण तथा अन्य प्रकार के विवरण जिसमे एफआईआर पंजीकृत नहीं हुआ है, प्राप्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें।
राकेश चंद्र यादव
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आयोग द्वारा कुल 33 लंबित प्रकरणों की सूची प्रेषित की गयी थी, जिसमें से 19 वादकारी उपस्थित हुए, इसके अतिरिक्त सात नये प्रकरण भी सम्मिलित हुए, जिसमें सुनवाई की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए समयबद्ध एक्शन टेकर रिपोर्ट (एटीआर) प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। विभिन्न महिलाओं के प्रकरण जो घरेलू हिंसा से संबंधित है तथा वाद न्यायालय में लम्बित है। ऐसे पीड़ितों के बच्चों को स्पॉन्शरशिप योजना से आच्छादित किये जाने के साथ-साथ समाज कल्याण तथा कौशल विकास विभाग से उन महिलाओं को प्रशिक्षण तथा आवश्यक सामग्री प्रदान किए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
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आयोग की सदस्य डाॅ.अर्चना मजूमदार ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक सदर, क्षेत्राधिकारी सदर राजेश राय, क्षेत्राधिकारी मुगलसराय आशुतोष, उपजिलाधिकारी अविनाश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.वाईके राय आदि उपस्थित रहे।
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इसके अलावा उन्होंने वन स्टाप सेन्टर का निरीक्षण किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त प्रकरणों पर असंतोष व्यक्त किया गया।
साथ ही वन स्टाप सेंटर के कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि विभिन्न पुलिस थानों से घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला उत्पीड़न तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के विभिन्न श्रेणियों यथा अति गम्भीर, गम्भीर तथा सामान्य श्रेणियों में पंजीकृत वादों का स्पष्ट विवरण तथा अन्य प्रकार के विवरण जिसमे एफआईआर पंजीकृत नहीं हुआ है, प्राप्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें।
राकेश चंद्र यादव