फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   The poor picture of medical treatment

Chandauli News: चिकित्सा की बदहाल तस्वीर, जच्चा-बच्चा केंद्र में रखा जा रहा उपला और चारा, खड़े हुए सवाल

Mon, 12 May 2025 07:29 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Mon, 12 May 2025 07:29 PM IST
सार

रेवसा गांव में बने जच्चा-बच्चा केंद्र की हालत खराब है। आलम ये है कि यहां उपला और चारा रखा जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ये उपेक्षा क्यों?
 

विज्ञापन
The poor picture of medical treatment
जच्चा-बच्चा केंद्र में रखे गए उपले - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कंदवा क्षेत्र के रेवसा गांव में बना उप स्वास्थ्य केंद्र (जच्चा-बच्चा केंद्र) विभागीय उपेक्षा के चलते बदहाल पड़ा हुआ है। इस केंद्र में कुछ लोग उपले और पशुओं का चारा रख रहे हैं। इससे गांव की महिलाओं को स्वास्थ्य उपकेंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जच्चा बच्चा केंद्र को अतिक्रमणमुक्त और मरम्मत कराकर सुचारू रूप से चलाने की मांग की है।

विज्ञापन


ग्रामीणों की मांग के बाद रेवसा गांव में जच्चा-बच्चा केंद्र का निर्माण कराया गया। इससे गांव की महिलाओं को काफी सहूलियत मिलने लगी। इससे पूर्व जच्चा बच्चा केंद्र के अभाव में महिलाओं को छह किमी दूर पीएचसी बरहनी या नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैयदराजा की शरण लेनी पड़ती थी।
विज्ञापन


इसमें महिलाओं का समय व धन दोनों बर्बाद होता था। समय के अभाव में कई महिलाओं की जान पर भी बन आती थी। गांव में जच्चा - बच्चा केंद्र खुलने से महिलाओं को समय से दवा मिलने के साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य जरूरतें भी पूरा होने लगीं लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते केंद्र जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव के कुछ लोगों ने केंद्र पर कब्जा जमाकर उसमें पशुओं का चारा और उपले रखने लगे हैं। इससे केंद्र अपने उद्देश्यों से भटकता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से समस्या के समाधान के लिए कई बार गुहार लगाई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

गांव के दुखहरण राय, पमपम राय, सिंह, पिंटू राय आदि ने जच्चा -बच्चा केंद्र को अतिक्रमणमुक्त कराकर सुचारू रूप से चलाए जाने की मांग की है।


13 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ही होता है प्रसव

बरहनी विकासखंड में कागजों में भले ही करीब तीन दर्जन उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं लेकिन केवल 13 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ही प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी, नवीन पीएचसी पई व सैयदराजा पीएचसी पर संचालित उपकेंद्र सम्मिलित हैं। वहीं सोगाई, भतीजा, चारी, नौबतपुर, सैयदराजा, सुढना, पिपरी, पौनी, छतेम, बरहनी,पई सहित कुछ अन्य उप स्वास्थ्य केंद्र बेहतर स्थिति में हैं।


मरम्मत की बाट जोह रहे कई स्वास्थ्य उपकेंद्र

विकासखंड के इमिलिया, पिपरदहा, कम्हरिया सहित करीब एक दर्जन गांवों में बने उप स्वास्थ्य केंद्र नव निर्माण व मरम्मत की बाट जोह रहे हैं। खस्ताहाल पड़े इन उपकेंद्रों से संबंधित गांवों की गर्भवती महिलाओं को गांव से दूर अन्य उपकेंद्रों या पीएचसी पर जांच व प्रसव के लिए जाना पड़ता है। इन गांवों के लोगों का कहना है कि यदि उपकेंद्रों का मरम्मत नव निर्माण हो जाए तो गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जांच सहित सामान्य प्रसव की सुविधा भी मिल जाती।


जर्जर व मरम्मत योग्य उपकेंद्रों को चिह्नित कर विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।उ म्मीद है जल्द ही मरम्मत व निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा- डॉ. राजेश कुमार सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बरहनी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed