{"_id":"57912e774f1c1b5a3dc4ba2d","slug":"the-gravel-roads","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांवरियों को चुभेंगे सड़कों के कंकड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवरियों को चुभेंगे सड़कों के कंकड़
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Fri, 22 Jul 2016 01:50 AM IST
विज्ञापन
मुगलसराय नगर में कांवरये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिंदी फिल्म आप की कसम का गाना जय जय शिव शंकर कांटा लगे न कंकड़ यहां मौजूं इस तरह से है कि नगर की बदहाल सड़कें कांवरियों के लिए किसी इम्तिहान से कम नहीं है। यहां गड्ढा युक्त और बिखरी हुई गिट्टियां वाली सड़कों से ही श्रद्धालु बाबा का दर्शन करने जाएंगे।
भगवान भोले की नगरी वाराणसी से सटे चंदौली भी सावन माह केशरियामय हो गया है। यहां से बड़ी संख्या में भक्त कांवर लेकर झारखंड के देवघर बाबा वैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए जाते हैं। यही नहीं प्रत्येक रविवार की रात लोग पैदल बोल बम का जयकारा लगाते हुए जीटी रोड से होते हुए वाराणसी पहुंचते हैं और सोमवार को जलाभिषेक करते हैं। यदि नगर की बात करें तो पटपरा से डाउन सिक लाइन, आरपीएसएफ कालोनी, शास्त्री कालोनी होते हुए बाजार में आने वाले सड़क से बड़ी संख्या में कांवरिये आते हैं।
वर्तमान समय में यह सड़क पांच किमी तक बदहाल हो गई है। रेलवे ओवर ब्रिज से डाउन सिक लाइन तक इतने गड्ढे हैं कि जिन्हें गिनना मुश्किल है। रात में रास्ते पर प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस मार्ग से जाने वालों की कड़ी परीक्षा होगी।
विज्ञापन
इसी तरह सहजौर से कैथापुर लख्मीपुर, चतुर्भुजपुर, शाहकुटी, न्यू महाल होते हुए जीटी रोड पहुंचने वाले मार्ग की हालत भी एकदम खस्ता है। भोगवारे से काली महाल आने वाले रास्ते का निर्माण चल रहा है और गिट्टियां बिछा कर छोड़ दी गई है। इससे इस पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। और तो और जीटी रोड पर अलीनगर से पड़ाव तक की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।
इसी तरह मुगलसराय रेलवे स्टेशन से यूरोपियन कालोनी, प्लांट डिपो, सिकटिया, परशुरामपुर, डिहवां होते हुए रामनगर जाने वाले रास्ते की स्थिति जर्जर है। ऐसे में मार्ग पर चलने वाले को दिक्कत होगी।
विज्ञापन
भगवान भोले की नगरी वाराणसी से सटे चंदौली भी सावन माह केशरियामय हो गया है। यहां से बड़ी संख्या में भक्त कांवर लेकर झारखंड के देवघर बाबा वैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए जाते हैं। यही नहीं प्रत्येक रविवार की रात लोग पैदल बोल बम का जयकारा लगाते हुए जीटी रोड से होते हुए वाराणसी पहुंचते हैं और सोमवार को जलाभिषेक करते हैं। यदि नगर की बात करें तो पटपरा से डाउन सिक लाइन, आरपीएसएफ कालोनी, शास्त्री कालोनी होते हुए बाजार में आने वाले सड़क से बड़ी संख्या में कांवरिये आते हैं।
विज्ञापन
वर्तमान समय में यह सड़क पांच किमी तक बदहाल हो गई है। रेलवे ओवर ब्रिज से डाउन सिक लाइन तक इतने गड्ढे हैं कि जिन्हें गिनना मुश्किल है। रात में रास्ते पर प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस मार्ग से जाने वालों की कड़ी परीक्षा होगी।
विज्ञापन
इसी तरह सहजौर से कैथापुर लख्मीपुर, चतुर्भुजपुर, शाहकुटी, न्यू महाल होते हुए जीटी रोड पहुंचने वाले मार्ग की हालत भी एकदम खस्ता है। भोगवारे से काली महाल आने वाले रास्ते का निर्माण चल रहा है और गिट्टियां बिछा कर छोड़ दी गई है। इससे इस पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। और तो और जीटी रोड पर अलीनगर से पड़ाव तक की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।
इसी तरह मुगलसराय रेलवे स्टेशन से यूरोपियन कालोनी, प्लांट डिपो, सिकटिया, परशुरामपुर, डिहवां होते हुए रामनगर जाने वाले रास्ते की स्थिति जर्जर है। ऐसे में मार्ग पर चलने वाले को दिक्कत होगी।