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भाकपा माले ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Tue, 19 Jan 2016 01:39 AM IST
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भाकपा माले के नेतृत्व में अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के
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कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन
किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के नए भूमि अधिग्रहण कानून को किसान व गरीब
विरोधी बताया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि सूबे की सरकार ने जमीन संबंधी कानून लाकर यह साबित कर दिया है कि वह दलित और गरीब विरोधी है।
इस अध्यादेश के आ जाने के बाद दलितों की बची खुची जमीन भी भूमाफियाओं द्वारा कब्जा कर ली जाएगी। कहा कि ग्राम पंचायतों में मनबढ़ लोगों द्वारा कब्जा की गई ग्राम समाज व बंजर जमीन को कब्जामुक्त कराकर यदि गरीबों में बांट दिया जाए, तो गरीबों को भी दो बक्त के निवाले के लिए दर-दर की ठोकरें खानी नहीं पड़ेगी। सरकारी उपेक्षा के चलते किसानों की हालत दयनीय हो गई है।
प्राकृतिक आपदा की वजह से पिछले तीन वर्षों से किसानों की खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। कभी सूखा तो कभी ओलावृष्टि किसानों के लिए मुसीबत बनकर आई। इससे किसानों की कमर टूट गई।
फसल बर्बादी के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक जिले के 60 प्रतिशत किसानों को फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई।
धरने में खेग्रामस के प्रदेश सचिव अनिल पासवान, माले राज्य कमेटी सदस्य मिठाईलाल, विजयी राम, रामवचन वनवासी, कतवारू वनवासी आदि रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि सूबे की सरकार ने जमीन संबंधी कानून लाकर यह साबित कर दिया है कि वह दलित और गरीब विरोधी है।
इस अध्यादेश के आ जाने के बाद दलितों की बची खुची जमीन भी भूमाफियाओं द्वारा कब्जा कर ली जाएगी। कहा कि ग्राम पंचायतों में मनबढ़ लोगों द्वारा कब्जा की गई ग्राम समाज व बंजर जमीन को कब्जामुक्त कराकर यदि गरीबों में बांट दिया जाए, तो गरीबों को भी दो बक्त के निवाले के लिए दर-दर की ठोकरें खानी नहीं पड़ेगी। सरकारी उपेक्षा के चलते किसानों की हालत दयनीय हो गई है।
प्राकृतिक आपदा की वजह से पिछले तीन वर्षों से किसानों की खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। कभी सूखा तो कभी ओलावृष्टि किसानों के लिए मुसीबत बनकर आई। इससे किसानों की कमर टूट गई।
फसल बर्बादी के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक जिले के 60 प्रतिशत किसानों को फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई।
धरने में खेग्रामस के प्रदेश सचिव अनिल पासवान, माले राज्य कमेटी सदस्य मिठाईलाल, विजयी राम, रामवचन वनवासी, कतवारू वनवासी आदि रहे।