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Chandauli News: धान की फसल बर्बाद कर रहे सैनिक कीट
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नियामताबाद । जनपद सहित विकास खंड क्षेत्र के किसानों की समस्या कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। बाढ़ और मोंथा चक्रवात से फसल बर्बाद हो जाने के बाद जो फसल बच गई थी। अब उस पर सैनिक कीट के हमले हो रहे हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं, तो समस्या दूसरे क्षेत्र में उत्पन्न हो जा रही है।
यह कीट इतने खतरनाक है कि वह रात के अंधेरे में दूना गति से धान की बाली काटकर गिरा दे रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली के प्रभारी डाक्टर नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि सैनिक कीट से बचाव के लिए सायं काल तीन से चार किलो मैलाथियान पावडर का छिड़काव प्रति बीघा करने की जरूरत है। उसके अतिरिक्त किसान रासायनिक कीटनाशक का भी छिड़काव कर सकते हैं।
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यह कीट इतने खतरनाक है कि वह रात के अंधेरे में दूना गति से धान की बाली काटकर गिरा दे रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली के प्रभारी डाक्टर नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि सैनिक कीट से बचाव के लिए सायं काल तीन से चार किलो मैलाथियान पावडर का छिड़काव प्रति बीघा करने की जरूरत है। उसके अतिरिक्त किसान रासायनिक कीटनाशक का भी छिड़काव कर सकते हैं।
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