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पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:46 AM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर पुरानी पेंशन बहाली और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की गड़बड़ी दूर करने की मांग को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षक सदर ब्लाक परिसर से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर साहब लाल को सौंपा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नए पेंशन योजना को समाप्त कर तत्काल पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। जिसके चलते हम शिक्षकों को सेवानिवृत्त होने के बाद उसका लाभ मिल सके। इसके लिए शिक्षकों को बड़े से बड़ा आंदोलन करना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।
मान्यता प्राप्त व माध्यमिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रथम बार पेंशन की व्यवस्था सन1964 में लागू हुई थी। जिससे शिक्षकों व कर्मचारियों को सेवानिवृत्त के बाद लाभ मिलता था, लेकिन प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार ने इसमें छेड़छाड़ करके शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ धोखा देने का काम किया है। इसे हम सभी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की संस्तुति की जा रही है। उसमें तमाम अशुद्धियां व्याप्त है, उसमें तत्काल संशोधन किए जाएं। संशोधन के बाद भी इसका लाभ कर्मचारियों व शिक्षकों को मिल पाएगा। यदि केंद्र आैर प्रदेश सरकार ऐसा नहीं करती हैं तो शिक्षक व्यापक तौर पर आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर रामानंद सिंह यादव, योगेंद्र तिवारी, त्रिभुवन नारायण सिंह, मंगला सिंह, विद्या सागर पांडेय, गुप्तेश्वर सिंह, संत सेवक सिंह आदि उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नए पेंशन योजना को समाप्त कर तत्काल पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। जिसके चलते हम शिक्षकों को सेवानिवृत्त होने के बाद उसका लाभ मिल सके। इसके लिए शिक्षकों को बड़े से बड़ा आंदोलन करना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।
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मान्यता प्राप्त व माध्यमिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रथम बार पेंशन की व्यवस्था सन1964 में लागू हुई थी। जिससे शिक्षकों व कर्मचारियों को सेवानिवृत्त के बाद लाभ मिलता था, लेकिन प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार ने इसमें छेड़छाड़ करके शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ धोखा देने का काम किया है। इसे हम सभी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की संस्तुति की जा रही है। उसमें तमाम अशुद्धियां व्याप्त है, उसमें तत्काल संशोधन किए जाएं। संशोधन के बाद भी इसका लाभ कर्मचारियों व शिक्षकों को मिल पाएगा। यदि केंद्र आैर प्रदेश सरकार ऐसा नहीं करती हैं तो शिक्षक व्यापक तौर पर आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर रामानंद सिंह यादव, योगेंद्र तिवारी, त्रिभुवन नारायण सिंह, मंगला सिंह, विद्या सागर पांडेय, गुप्तेश्वर सिंह, संत सेवक सिंह आदि उपस्थित रहे।
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