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पुराने नोटों से नहीं मिले खाद-बीज
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:50 AM IST
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खाद के लिए लाइन में लगे किसान।
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देश में बड़े नोट बंदी के बाद किसानों की सहूलियत के लिए भले ही पुराने नोटों को लेने को लेकर सरकार ने फरमान जारी कर रखा हो, लेकिन सहकारी केन्द्रों और बीज व खाद बिक्री केन्द्रों पर यह अमल में नहीं आ रहा है। मंगलवार को जब किसान मुख्यालय स्थित इफ्को सेवा केंद्र पर पुराने 500 व 1000 के नोट लेकर पहुंचे तो कर्मचारियों ने उसे नहीं लिया। इससे किसान पूरे दिन परेशान रहे। ऐसी स्थिति में कुछ किसानों ने छोटे नोट को देखकर खाद व बीज की खरीदारी की।
दरअसल किसानों के लिए पुराने नोट से खाद व बीज की खरीदारी सरकार के नए फरमान से मंगलवार की सुबह किसान बीज व खाद की खरीद के लिए अपने नजदीकी सहकारी समिति के अलावा सरकारी खाद व बीज बिक्री केन्द्रों पर पहुंचे, जहां काफी भीड़ थी। किसानों द्वारा जब खाद व बीज के लिए पुराने नोट के जरिए भुगतान करने का प्रयास किया गया तो मुख्यालय स्थित इफ्को सेवा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने नोट लेने से मना कर दिया। हथियानी और दाउतपुर निवासी किसान पन्ना लाल व परमहंस का आरोप था कि जिन नियमों से जनता की असुविधा हो कर्मचारी उसे तत्काल अमल में लाते हैं, लेकिन सरकार द्वारा सहूलियत के लिए जारी फरमान का कर्मचारी पालन नहीं करते हैं। मचियां व पैतुआ गांव निवासी बंसतू व बीरबल का कहना है कि सरकार को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिएं।
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दरअसल किसानों के लिए पुराने नोट से खाद व बीज की खरीदारी सरकार के नए फरमान से मंगलवार की सुबह किसान बीज व खाद की खरीद के लिए अपने नजदीकी सहकारी समिति के अलावा सरकारी खाद व बीज बिक्री केन्द्रों पर पहुंचे, जहां काफी भीड़ थी। किसानों द्वारा जब खाद व बीज के लिए पुराने नोट के जरिए भुगतान करने का प्रयास किया गया तो मुख्यालय स्थित इफ्को सेवा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने नोट लेने से मना कर दिया। हथियानी और दाउतपुर निवासी किसान पन्ना लाल व परमहंस का आरोप था कि जिन नियमों से जनता की असुविधा हो कर्मचारी उसे तत्काल अमल में लाते हैं, लेकिन सरकार द्वारा सहूलियत के लिए जारी फरमान का कर्मचारी पालन नहीं करते हैं। मचियां व पैतुआ गांव निवासी बंसतू व बीरबल का कहना है कि सरकार को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिएं।
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