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Chandauli News: अधिकारियों की चाकरी में लगे सफाईकर्मी, गंदगी से पटे 100 से ज्यादा गांव

Wed, 08 Oct 2025 12:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:37 AM IST
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Sanitation workers are busy serving officials, leaving over 100 villages covered in filth.
इलिया में  लगा कूड़े का ढेर। संवाद
जिले के गांवों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। अधिकतर सफाईकर्मी गांवों में काम करने के बजाय अधिकारियों की चाकरी में लगे हुए हैं। हफ्ते में एक-दो दिन ही वे गांवों में झाड़ू लगाते दिखाई देते हैं।
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इससे 100 से ज्यादा गांवों में नालियां जाम हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्थिति यह है कि दस हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत में एक सफाईकर्मी नियुक्त है, वहीं पांच ग्राम पंचायतों में तो एक भी सफाईकर्मी नहीं हैं।
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नियामताबाद विकास खंड में 88 ग्राम पंचायत और 136 राजस्व गांवों के लिए कुल 148 सफाईकर्मी नियुक्त हैं। इनमें से कई कर्मचारी गांवों की सफाई करने के बजाय दफ्तरों में तैनात हैं।
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आंकड़ों के अनुसार 5 सफाईकर्मी विकास खंड कार्यालय पर, 2 उपजिलाधिकारी आवास पर, 3 तहसील परिसर और 3 डीपीआरसी पर संबद्ध हैं। कुल 13 सफाईकर्मी कार्यालयों में लगाए गए हैं, जबकि 135 सफाईकर्मियों को 136 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है।
इस वजह से एक गांव पूरी तरह बिना सफाईकर्मी के है। इतना ही नहीं, लौदा, डहिया, कटेसर और जगदीशपुर, भटरिया ग्राम पंचायतों में एक भी सफाईकर्मी तैनात नहीं है। इन गांवों में महीनों से सफाई नहीं हुई है। गांवों की गलियां और नालियां गंदगी से भरी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। उनका आरोप है कि सफाईकर्मी गांव छोड़कर अधिकारियों और दफ्तरों में व्यक्तिगत कामों में लगे रहते हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से सफाई व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संवाद

दस हजार आबादी पर एक ही सफाईकर्मी
शहाबगंज विकासखंड का इलिया कस्बा क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है, जिसकी आबादी 10 हजार से अधिक है। इतने बड़े कस्बे की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि पूरे कस्बे की जिम्मेदारी केवल एक सफाईकर्मी पर है। एक व्यक्ति के बूते इतनी बड़ी आबादी वाले इलाके की सफाई कर पाना असंभव साबित हो रहा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि चार से अधिक बार डीपीआरओ को आवेदन देकर अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात करने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नालियां जाम होने से बरसात के दिनों में गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे न केवल बदबू फैल रही है बल्कि मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द कम से कम छह से आठ सफाईकर्मी यहां तैनात करे ताकि सफाई व्यवस्था सुधर सके।

कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध
चहनियां क्षेत्र के अधिकांश गांवों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है। सफाईकर्मी महीने में दो-चार बार ही गांवों में दिखाई देते हैं, जबकि कई गांवों में तो महीनों से सफाई नहीं हुई है। ग्राम प्रधानों के घर के आसपास ही झाड़ू लगाकर कागजी खानापूर्ति कर दी जाती है। हिगुतर रोड स्थित यूनियन बैंक के पास कूड़े का विशाल ढेर जमा हो गया है, जिससे उठने वाली तेज दुर्गंध से राहगीरों और यात्रियों का जीना मुश्किल हो गया है। खंड विकास अधिकारी राजेश नायक ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, अब जानकारी मिल गई है। जल्द ही कूड़े के निस्तारण की कार्रवाई कराई जाएगी।

नियामताबाद विकासखंड के चार ग्राम पंचायत मे सफाई कर्मचारी नहीं है इसमें कुछ का स्थानांतरण के बाद अभी आए ही नहीं है। गांवों में सफाई न होने की शिकायत मिली है जिसपर सफाई के लिए सफाईकर्मियोें को निर्देशित किया गया है।

-मनोज सिंह, एडीओ पंचायत, नियामताबाद



गांवों में समय-समय पर रोस्टर लगाकर सफाई कर्मियों से सफाई कराई जाती है। यदि किसी क्षेत्र में या गांव में सफाई नहीं हुई है, तो सफाई कराई जाएगी। -नीरज सिंह, डीपीआरओ, चंदौली
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