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भीषण गर्मी में भी नहीं शुरू हुआ स्टेशन पर लगा आरओ सिस्टम
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पीडीडीयू नगर। हावड़ा दिल्ली रुट पर अति व्यस्त पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर यात्रियों को शुद्ध और सस्ते पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। यात्रियों को सस्ते दर पर आरओ वाटर उपलब्ध कराने के लिए निजी प्यूरीफायर कंपनी की ओर से लगाए गए वाटर बूथ भी भीषण गर्मी में चालू नहीं है। ऐसे में यात्रियों को स्टालों से महंगे दाम पर पानी का बोतल खरीदना पड़ता है।
यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर शुद्ध और सस्ता पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पांच वर्ष पहले वाटर वेंडिंग मशीन लगाए गए थे। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आईआरसीटीसी की ओर से एक नामी गिरामी कंपनी के छह वाटर वेंडिंग मशीन लगाए गए। यहां यात्रियों को आठ रुपये में एक लीटर, पांच रुपये में पांच सौ एमएल और रुपये में तीन सौ एमएल पानी उपलब्ध होता था। यही नही यदि अपना बोतल लेकर गए तो पांच रुपये में एक लीटर, आठ रुपये में दो लीटर, बीस रुपये में पांच लीटर, दो रुपये में तीन सौ एमएल और तीन रुपये में पांच सौ एमएल ठंडा पानी उपलब्ध होता था। कोरोना काल में 25 मार्च 2020 से ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया। इसके साथ ही सभी स्टाल भी बंद हो गए। बाद में ट्रेनों का परिचालन शुरू हुुआ और स्टेशनों के सभी खान पान स्टाल भी शुरू हो गए लेकिन वाटर वेंडिंग मशीन आज तक शुरू नहीं किया गया। सूत्रों की माने तो वाटर वेडिंग लगाने वाली कंपनी और रेलवे के बीच किराए को लेकर विवाद हो गया। ऐसे में कंपनी की ओर से इसे चालू ही नहीं किया गया। भीषण गर्मी गर्मी पड़ने लगी है। इसके साथ ही स्टेशन पर पानी के लिए त्राहि त्राहि भी मचने लगी है। यात्री ट्रेन रुकते ही आरओ वाटर के लिए वाटर वेंडिंग मशीन पर पहुंचते हैं लेकिन निराश होकर वापस लौटते हैं। अंत में स्टालों से बीस रुपये और 15 रुपये का पानी खरीद कर प्यास बुझाते हैं। इस संबंध में मंडल वाणिज्य प्रबंधक और जनसंपर्क अधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि यात्रियों को पनी की कमी न हो, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही वाटर वेंडिंग मशीन को भी चालू कराया जाएगा।
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यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर शुद्ध और सस्ता पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पांच वर्ष पहले वाटर वेंडिंग मशीन लगाए गए थे। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आईआरसीटीसी की ओर से एक नामी गिरामी कंपनी के छह वाटर वेंडिंग मशीन लगाए गए। यहां यात्रियों को आठ रुपये में एक लीटर, पांच रुपये में पांच सौ एमएल और रुपये में तीन सौ एमएल पानी उपलब्ध होता था। यही नही यदि अपना बोतल लेकर गए तो पांच रुपये में एक लीटर, आठ रुपये में दो लीटर, बीस रुपये में पांच लीटर, दो रुपये में तीन सौ एमएल और तीन रुपये में पांच सौ एमएल ठंडा पानी उपलब्ध होता था। कोरोना काल में 25 मार्च 2020 से ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया। इसके साथ ही सभी स्टाल भी बंद हो गए। बाद में ट्रेनों का परिचालन शुरू हुुआ और स्टेशनों के सभी खान पान स्टाल भी शुरू हो गए लेकिन वाटर वेंडिंग मशीन आज तक शुरू नहीं किया गया। सूत्रों की माने तो वाटर वेडिंग लगाने वाली कंपनी और रेलवे के बीच किराए को लेकर विवाद हो गया। ऐसे में कंपनी की ओर से इसे चालू ही नहीं किया गया। भीषण गर्मी गर्मी पड़ने लगी है। इसके साथ ही स्टेशन पर पानी के लिए त्राहि त्राहि भी मचने लगी है। यात्री ट्रेन रुकते ही आरओ वाटर के लिए वाटर वेंडिंग मशीन पर पहुंचते हैं लेकिन निराश होकर वापस लौटते हैं। अंत में स्टालों से बीस रुपये और 15 रुपये का पानी खरीद कर प्यास बुझाते हैं। इस संबंध में मंडल वाणिज्य प्रबंधक और जनसंपर्क अधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि यात्रियों को पनी की कमी न हो, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही वाटर वेंडिंग मशीन को भी चालू कराया जाएगा।
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