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माले कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2015 02:24 AM IST
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भाजपा माले के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
साथ ही सदर कोतवाल द्वारा इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं संग किए गए दुर्व्यवहार पर कोतवाल को हटाए जाने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रदेश व देश में बढ़ रही महंगाई और अराजकता के खिलाफ केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
अखिल भारतीय लोकमंच, भाकपा माले के नेतृत्व में भूमि लूट, श्रम लूट के खिलाफ मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने भूमि और श्रम अधिकार मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार को एक साल पूरे हो गए, लेकिन जो भी वादे किए उसमें से एक भी वादा पूरा नहीं हो पाया। अच्छे दिनों का सपना दिखाने वाले अमीरों के अच्छे दिन लाने का काम कर रहे हैं।
गरीबों की बेहतरी के लिए सरकार के पास कोई भी योजना नहीं है। वर्तमान में मजदूरों को अपना पेट भरने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। भूमि अधिग्रहण सहित तमाम ऐसे कानून केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए, जो सीधे तौर पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए है।
इस अवसर पर रमेश राय, दिनेश मौर्या, रामदुलार बिंद, शशिकांत सिंह, अनिल पासवान आदि रहे।
अनिल यादव, विजयी राम आदि रहे। अध्यक्षता सत्य नारायण सिंह ने किया।
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साथ ही सदर कोतवाल द्वारा इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं संग किए गए दुर्व्यवहार पर कोतवाल को हटाए जाने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रदेश व देश में बढ़ रही महंगाई और अराजकता के खिलाफ केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
अखिल भारतीय लोकमंच, भाकपा माले के नेतृत्व में भूमि लूट, श्रम लूट के खिलाफ मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने भूमि और श्रम अधिकार मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार को एक साल पूरे हो गए, लेकिन जो भी वादे किए उसमें से एक भी वादा पूरा नहीं हो पाया। अच्छे दिनों का सपना दिखाने वाले अमीरों के अच्छे दिन लाने का काम कर रहे हैं।
गरीबों की बेहतरी के लिए सरकार के पास कोई भी योजना नहीं है। वर्तमान में मजदूरों को अपना पेट भरने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। भूमि अधिग्रहण सहित तमाम ऐसे कानून केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए, जो सीधे तौर पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए है।
इस अवसर पर रमेश राय, दिनेश मौर्या, रामदुलार बिंद, शशिकांत सिंह, अनिल पासवान आदि रहे।
अनिल यादव, विजयी राम आदि रहे। अध्यक्षता सत्य नारायण सिंह ने किया।