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जीवित पुित्रका पर रखा व्रत
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 24 Sep 2016 01:25 AM IST
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पूजन के लिए जाते लोग
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संतान के दीर्घायु की कामना से महिलाओं ने शुक्रवार को जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा। व्रती महिलाओं ने निराजल व्रत रहकर मां लक्ष्मी की पूजा की।
सरोवर, नदी के तटों पर पूजन अर्चन करने वालों की भीड़ लगी। देवी मंदिरों पर भी पूजन अर्चन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। इस वजह से जगह जगह मेला लगा। मन्नत पूरी होने पर कई महिलाएं बैंड बाजे के साथ तालाब के किनारे तक गई। सरोवर तट महिलाओं के गीत से गुलजार रहे।
नगर में महिलाओं ने सुबह से निराजल व्रत रखा और शाम होते ही दउरी में पूजन सामग्री, फल, वस्त्र आदि सजाए और सरोवर के तटों पर पूजन अर्चन के लिए निकल पड़ी। नगर के मानसरोवर तालाब, दामोदर दास पोखरा, आरपीएफ कालोनी, तिनकोनिया पोखरा सहित अन्य तालाबों के किनारे व्रती महिलाओं की भीड़ जुटी। यहां कलश स्थापित कर मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजन अर्चन किया। पूजन अर्चन के बाद पुरोहितों से जीमुतवाहन राजा की कथा सुनी। इसके पूर्व कई इलाकों से महिलाएं बैँड बाजा के साथ सरोवर तटों तक पहुंची। विभिन्न सरोवरों के किनारे मेला लगा। यहां चाट पकौड़ी, गुब्बारे आदि की दुकाने सजी। यहां युवाओं ने खूब खरीददारी की। इसी तरह कैलाशपुरी स्थित शिव मंदिर, शाहकुटी स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर भी महिलाओं ने पहुंच कर पूजन अर्चन किया और कथा सुनी। शिकारगंज संवाददाता के अनुसार स्थानीय पोखरा के साथ तथा गरई नदी के अलावा अन्य तालाबो के तटों पर महिलाओं की भीड़ जुटी। चकिया संवाददाता के अनुसार स्थानीय मां काली पोखरा परिसर तथा सैदूपुर क्षेत्र, पचवनियां, सिकन्दरपुर पोखरा, उतरौत, मूसाखाड़ के तालाबों, पोखरों तथा मंदिरों पर व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। सैयदराजा संवाददाता के अनुसार नगर के विभिन्न सरोवरों पर व्रती महिलाओं की भीड़ जुटी। इसके पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज खान पप्पू के निर्देश पर सरोवर के तटों पर साप सफाई कर चूने का छिड़काव किया गया।
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सरोवर, नदी के तटों पर पूजन अर्चन करने वालों की भीड़ लगी। देवी मंदिरों पर भी पूजन अर्चन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। इस वजह से जगह जगह मेला लगा। मन्नत पूरी होने पर कई महिलाएं बैंड बाजे के साथ तालाब के किनारे तक गई। सरोवर तट महिलाओं के गीत से गुलजार रहे।
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नगर में महिलाओं ने सुबह से निराजल व्रत रखा और शाम होते ही दउरी में पूजन सामग्री, फल, वस्त्र आदि सजाए और सरोवर के तटों पर पूजन अर्चन के लिए निकल पड़ी। नगर के मानसरोवर तालाब, दामोदर दास पोखरा, आरपीएफ कालोनी, तिनकोनिया पोखरा सहित अन्य तालाबों के किनारे व्रती महिलाओं की भीड़ जुटी। यहां कलश स्थापित कर मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजन अर्चन किया। पूजन अर्चन के बाद पुरोहितों से जीमुतवाहन राजा की कथा सुनी। इसके पूर्व कई इलाकों से महिलाएं बैँड बाजा के साथ सरोवर तटों तक पहुंची। विभिन्न सरोवरों के किनारे मेला लगा। यहां चाट पकौड़ी, गुब्बारे आदि की दुकाने सजी। यहां युवाओं ने खूब खरीददारी की। इसी तरह कैलाशपुरी स्थित शिव मंदिर, शाहकुटी स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर भी महिलाओं ने पहुंच कर पूजन अर्चन किया और कथा सुनी। शिकारगंज संवाददाता के अनुसार स्थानीय पोखरा के साथ तथा गरई नदी के अलावा अन्य तालाबो के तटों पर महिलाओं की भीड़ जुटी। चकिया संवाददाता के अनुसार स्थानीय मां काली पोखरा परिसर तथा सैदूपुर क्षेत्र, पचवनियां, सिकन्दरपुर पोखरा, उतरौत, मूसाखाड़ के तालाबों, पोखरों तथा मंदिरों पर व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। सैयदराजा संवाददाता के अनुसार नगर के विभिन्न सरोवरों पर व्रती महिलाओं की भीड़ जुटी। इसके पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज खान पप्पू के निर्देश पर सरोवर के तटों पर साप सफाई कर चूने का छिड़काव किया गया।
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