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Chandauli News: ड्रैगन फ्रूट की खेती करके बढ़ाई आमदनी
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चंदौली। चहनिया के कैथी गांव के मनोज कुमार मौर्य ने ड्रैगन फ्रूट की खेती की है। इस फल को बोने वाले वे जिले के इकलौते किसान हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। उनके खेत से तीसरे दिन 40 किलो फल का उत्पादन होता है।
तीन साल पहले मनोज ने हैदराबाद से पौधे मंगाकर डेढ़ एकड़ में खेती की थी। एक लाख रुपये की लागत से उन्होंने इसकी खेती की। मनोज ने बताया कि दो साल के बाद फल आने शुरू हो गए। तीन दिन के अंतराल पर 40 किलो तक फल निकल रहे हैं। स्थानीय बाजार में फल की कीमत 200 से 300 रुपये प्रति किलो रहती है। इस तरह उनको हर हफ्ते 2000 रुपये से ज्यादा की आय हो जाती है।
ड्रैगन फ्रूट की खेती का प्रयोग सफल होने के बाद मनोज इसका रकबा बढ़ाने की तैयारी में हैं। उन्होंने पांच एकड़ में इसकी खेती करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि फिलहाल कम उत्पादन होने से स्थानीय बाजार में फल बेचने पड़ रहे हैं लेकिन उनकी योजना एपीडा से संपर्क करके निर्यात करने की है।
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मनाेज की सफलता को देखकर चंदौली और आसपास के जिलों के किसान उनके पास ड्रैगन फ्रूट की खेती की तकनीक सीखने पहुंच रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र भी अगले माह मनोज के सहयोग प्रदर्शन के लिए ड्रैगन फ्रूट की रोपाई करेगा।
वर्जन
जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती सिर्फ मनोज कुमार मौर्य ही कर रहे हैं। अभी इसके लिए सरकार की कोई योजना नहीं है। यदि ज्यादा किसान इच्छुक होंगे तो सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। - शीतल प्रसाद वर्मा जिला उद्यान अधिकारी
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तीन साल पहले मनोज ने हैदराबाद से पौधे मंगाकर डेढ़ एकड़ में खेती की थी। एक लाख रुपये की लागत से उन्होंने इसकी खेती की। मनोज ने बताया कि दो साल के बाद फल आने शुरू हो गए। तीन दिन के अंतराल पर 40 किलो तक फल निकल रहे हैं। स्थानीय बाजार में फल की कीमत 200 से 300 रुपये प्रति किलो रहती है। इस तरह उनको हर हफ्ते 2000 रुपये से ज्यादा की आय हो जाती है।
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ड्रैगन फ्रूट की खेती का प्रयोग सफल होने के बाद मनोज इसका रकबा बढ़ाने की तैयारी में हैं। उन्होंने पांच एकड़ में इसकी खेती करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि फिलहाल कम उत्पादन होने से स्थानीय बाजार में फल बेचने पड़ रहे हैं लेकिन उनकी योजना एपीडा से संपर्क करके निर्यात करने की है।
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मनाेज की सफलता को देखकर चंदौली और आसपास के जिलों के किसान उनके पास ड्रैगन फ्रूट की खेती की तकनीक सीखने पहुंच रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र भी अगले माह मनोज के सहयोग प्रदर्शन के लिए ड्रैगन फ्रूट की रोपाई करेगा।
वर्जन
जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती सिर्फ मनोज कुमार मौर्य ही कर रहे हैं। अभी इसके लिए सरकार की कोई योजना नहीं है। यदि ज्यादा किसान इच्छुक होंगे तो सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। - शीतल प्रसाद वर्मा जिला उद्यान अधिकारी