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कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए
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पीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। लोकआस्था का महापर्व डाला छठ पर शुक्रवार की शाम गंगा नदी, सरोवर तटों पर आस्थावानों का रेला उमड़ा। आस्था के आगे वैश्विक महामारी कोरोना का भय दूर-दूर तक नजर नहीं आया। व्रती महिलाओं और पुरुषों ने अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि की कामना की। गंगा घाट और सरोवर तट छठ मइया के गीत से गुंजायमान रहा। वहीं बड़ी संख्या में व्रतियों ने कोरोना के भय को देखते हुए घर पर ही पूजन अर्चन किया। इस दौरान सरोवर तटों पर प्रकाश की व्यवस्था की गई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चक्रमण करती रही।
घरों में सुबह से ही अर्घ्य देने की तैयारी शुरू हो गई। घरों में व्रती महिलाओं ने स्नान, ध्यान के बाद अर्घ्य देने के लिए सूप, दउरी तैयार की। इसमें पांच से सात प्रकार के फल, ठेकुआ, चावल से बनी मिठाई, फूल, माला, दीपक, रोरी, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती आदि को सजाया। दोपहर बाद महिलाएं और पुरुष नए वस्त्र पहन कर पूरे परिवार के साथ नंगे पैर सरोवर, नदी तटों की ओर चल पड़े। विभिन्न इलाकों से व्रती बैंडबाजा के साथ् सरोवर पर पहुंचे तो कुछ महिला व्रती घाटों पर लेट कर पहुंची। घरके पुरुष सदस्य सिर पर फलों का दउरा लेकर चल रहे थे तो बच्चे किशोर कांधे पर गन्ना रख कर घाटों पर पहुंचे। महिलाएं, किशोरियां हाथों के कलश लेकर गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। नगर के दामोदरदास पोखरा, राम मंदिर, माल गोदाम पोखरा, मानस नगर स्थित मानसरोवर तालाब, सिकटिया, अलीनगर स्थित रामजानकी पोखरा पर अर्घ्य देने के लिए व्रती पहुंचे। घाटों पर पहुंच कर व्रतियों ने फलों की टोकरी, सूप, रखे। इसके बाद घाट पर बेदी बनाकर पूजा अर्चना की और कलश स्थापित किया। सरोवर
में गन्ने का मंडप बनाया और धूप, दीप, फूल माला से पूजा अर्चना की। इसके बाद जल में उतरी और कमर भर पानी होने पर खड़े होकर भगवान भाष्कर के अस्त होने का इंतजार किया। सूर्य ने जैसे ही रूप बदल कर लालिमा बिखेरी और अंधकार का असर हुआ, वैैस ही लोगों ने जयकारे के साथ दूध, जल आदि से अर्घ्य दिया। शनिवार की सुबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया जाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में उमड़ा आस्था का सैलाब
पीडीडीयू नगर। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ पर ग्रामीण इलाकों में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। व्रतियों ने गंगा घाट, सरोवर तटों और गांव में तालाब तैयार कर यहां अस्ताचलगामी सूर्य को फल, दूध और जल से अर्घ्य दिया। इसके पूर्व घाटों की साफ सफाई कर रोशनी का इंतजाम किया गया। यहां लाउडस्पीकर पर छठ पूजा के गीतों से इलाका भक्तिमय बना रहा।
चकिया/शिकारगंज संवाददाता के अनुुसार अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए चकिया मां काली मंदिर के पोखरे, सिकंदरपुर पोखरे, शिकारगंज पोखरे के साथ चंद्रप्रभा, कर्मनाशा नदियों के किनारे तथा गांवो में स्थित तालाबों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। नगर सहित सिकंदरपुर, शिकारगंज, सैदूपुर, मुजफ्फरपुर, हेतिमपुर, जागेश्वरनाथ धाम में व्रती महिलाओ एवं उनके परिजनों ने जलता हुआ दीपक, फल-फूल, मिष्ठान आदि सूप, दौरी में लेकर गाजे-बाजे के साथ तालाबों, पोखरो, नहरों तथा नदियो के किनारे पहुंचे। सकलडीहा संवाददाता के अनुसार कस्बा के शिव सरोवर, चतुर्भुजपुर कालेश्वर सरोवर, ताजपुर, ईटवा, धरहरा, खडे़हरा आदि गांवों में महिलाओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। कस्बा की कई महिलाओं ने प्लास्टिक की टब खरीदकर पानी में खड़ा होकर अर्घ्य दिया। एसडीएम प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार बृजेश सिंह, प्रभारी सीओ जगत कन्नौजिया, कोतवाल वंदना सिंह, कस्बा प्रभारी भूपेशचंद्र कुशवाहा, रमेश सिंह, राजेश सिंह, अच्छेलाल, चौकी प्रभारी हरिकेश, धर्मेन्द्र क्षेत्र में भ्रमण शील रहे। बबुरी संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा स्थित पोखरे पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। नौगढ़ संवाददाता के अनुसार नौगढ़ के दुर्गा मंदिर पोखरे, उदितपुर सुर्रा, शमशेरपुर ,भरदुआ, मझगांई, बसौली जरहर बरवाडीह, देवरी, तिवारीपुर ,केसार ,गंगापुर, लालतापुर ,गोलाबाद आदि गांवों में छठ पूजा धूम धाम से मनाया गया। सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम नौगढ़ अतुल कुमार गुप्ता, सीओ नक्सल नीरज सिंह एवं थाना प्रभारी नौगढ़ राम उजागीर इलाके में भ्रमण करते रहे। शहाबगंज संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के शहाबगंज, अमांव, तियरा, एकौना, भुसी, भोड़सर, डूमरी, अताय, मुरकौल आदि गांवों के तालाबों पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।चहनियां संवादददाता के अनुसार क्षेत्र के टांडाकला, तिरगांवा, मारूफपुर,
महुअरकला, पूरा गनेश, नादी निधौरा, सैफपुर, रामगढ़ बलुआ, कांवर आदि गंगा घाटों पर छठ व्रतियों ने अर्घ्य दिया। वहीं भलेहटा, प्रभुपर, मोहरगंज, रमौली, सुरतापुर, अमिलाई, रानेपुर आदि गावों में तालाबों पर विधि विधान से अर्घ्य दिया गया।
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घरों में सुबह से ही अर्घ्य देने की तैयारी शुरू हो गई। घरों में व्रती महिलाओं ने स्नान, ध्यान के बाद अर्घ्य देने के लिए सूप, दउरी तैयार की। इसमें पांच से सात प्रकार के फल, ठेकुआ, चावल से बनी मिठाई, फूल, माला, दीपक, रोरी, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती आदि को सजाया। दोपहर बाद महिलाएं और पुरुष नए वस्त्र पहन कर पूरे परिवार के साथ नंगे पैर सरोवर, नदी तटों की ओर चल पड़े। विभिन्न इलाकों से व्रती बैंडबाजा के साथ् सरोवर पर पहुंचे तो कुछ महिला व्रती घाटों पर लेट कर पहुंची। घरके पुरुष सदस्य सिर पर फलों का दउरा लेकर चल रहे थे तो बच्चे किशोर कांधे पर गन्ना रख कर घाटों पर पहुंचे। महिलाएं, किशोरियां हाथों के कलश लेकर गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। नगर के दामोदरदास पोखरा, राम मंदिर, माल गोदाम पोखरा, मानस नगर स्थित मानसरोवर तालाब, सिकटिया, अलीनगर स्थित रामजानकी पोखरा पर अर्घ्य देने के लिए व्रती पहुंचे। घाटों पर पहुंच कर व्रतियों ने फलों की टोकरी, सूप, रखे। इसके बाद घाट पर बेदी बनाकर पूजा अर्चना की और कलश स्थापित किया। सरोवर
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में गन्ने का मंडप बनाया और धूप, दीप, फूल माला से पूजा अर्चना की। इसके बाद जल में उतरी और कमर भर पानी होने पर खड़े होकर भगवान भाष्कर के अस्त होने का इंतजार किया। सूर्य ने जैसे ही रूप बदल कर लालिमा बिखेरी और अंधकार का असर हुआ, वैैस ही लोगों ने जयकारे के साथ दूध, जल आदि से अर्घ्य दिया। शनिवार की सुबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया जाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में उमड़ा आस्था का सैलाब
पीडीडीयू नगर। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ पर ग्रामीण इलाकों में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। व्रतियों ने गंगा घाट, सरोवर तटों और गांव में तालाब तैयार कर यहां अस्ताचलगामी सूर्य को फल, दूध और जल से अर्घ्य दिया। इसके पूर्व घाटों की साफ सफाई कर रोशनी का इंतजाम किया गया। यहां लाउडस्पीकर पर छठ पूजा के गीतों से इलाका भक्तिमय बना रहा।
चकिया/शिकारगंज संवाददाता के अनुुसार अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए चकिया मां काली मंदिर के पोखरे, सिकंदरपुर पोखरे, शिकारगंज पोखरे के साथ चंद्रप्रभा, कर्मनाशा नदियों के किनारे तथा गांवो में स्थित तालाबों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। नगर सहित सिकंदरपुर, शिकारगंज, सैदूपुर, मुजफ्फरपुर, हेतिमपुर, जागेश्वरनाथ धाम में व्रती महिलाओ एवं उनके परिजनों ने जलता हुआ दीपक, फल-फूल, मिष्ठान आदि सूप, दौरी में लेकर गाजे-बाजे के साथ तालाबों, पोखरो, नहरों तथा नदियो के किनारे पहुंचे। सकलडीहा संवाददाता के अनुसार कस्बा के शिव सरोवर, चतुर्भुजपुर कालेश्वर सरोवर, ताजपुर, ईटवा, धरहरा, खडे़हरा आदि गांवों में महिलाओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। कस्बा की कई महिलाओं ने प्लास्टिक की टब खरीदकर पानी में खड़ा होकर अर्घ्य दिया। एसडीएम प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार बृजेश सिंह, प्रभारी सीओ जगत कन्नौजिया, कोतवाल वंदना सिंह, कस्बा प्रभारी भूपेशचंद्र कुशवाहा, रमेश सिंह, राजेश सिंह, अच्छेलाल, चौकी प्रभारी हरिकेश, धर्मेन्द्र क्षेत्र में भ्रमण शील रहे। बबुरी संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा स्थित पोखरे पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। नौगढ़ संवाददाता के अनुसार नौगढ़ के दुर्गा मंदिर पोखरे, उदितपुर सुर्रा, शमशेरपुर ,भरदुआ, मझगांई, बसौली जरहर बरवाडीह, देवरी, तिवारीपुर ,केसार ,गंगापुर, लालतापुर ,गोलाबाद आदि गांवों में छठ पूजा धूम धाम से मनाया गया। सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम नौगढ़ अतुल कुमार गुप्ता, सीओ नक्सल नीरज सिंह एवं थाना प्रभारी नौगढ़ राम उजागीर इलाके में भ्रमण करते रहे। शहाबगंज संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के शहाबगंज, अमांव, तियरा, एकौना, भुसी, भोड़सर, डूमरी, अताय, मुरकौल आदि गांवों के तालाबों पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।चहनियां संवादददाता के अनुसार क्षेत्र के टांडाकला, तिरगांवा, मारूफपुर,
महुअरकला, पूरा गनेश, नादी निधौरा, सैफपुर, रामगढ़ बलुआ, कांवर आदि गंगा घाटों पर छठ व्रतियों ने अर्घ्य दिया। वहीं भलेहटा, प्रभुपर, मोहरगंज, रमौली, सुरतापुर, अमिलाई, रानेपुर आदि गावों में तालाबों पर विधि विधान से अर्घ्य दिया गया।

पीडीडीयू नगर स्थित तालाब पर व्रती महिला को अर्घ्य दिलातीं युवतियां।- फोटो : CHANDAULI