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बाढ़ की जद में आए 115 गांव
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:27 AM IST
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बाढ़ के बाद झी़ल में तब्दील हुआ गांव
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गंगा की बाढ़ का पानी जिले के गांवों में तेजी से फैल रहा है। सोमवार को जनपद के दो और गांव संपर्क मार्ग से कट गए। संपर्क मार्ग से कटे गांवों की संख्या अब बढ़कर 37 हो गई है। सोमवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 72.23 मीटर पर था, जो खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ नियंत्रण अधिकारी बीबी पांडेय के अनुसार सोमवार को गंगा एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं। बाढ़ का पानी कुल 115 गांवों में पहुंच चुका है।
दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार मुगलसराय तहसील के कुंडा खुर्द, भिसौड़ी, मवई कला, कुंडा कला, करवत , डांडी, बहादुरपुर, मढ़िया, चौरहट, बखरा, सहजौर, शकूराबाद, लेड़ुआपर आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं कुंडा खुर्द, कुंडा कला, मवई कला और भिसौड़ी गांवों का लोगों ने बताया कि हम लोग बाढ़ से पूरी तरह घिर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक राहत और बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए। गांव छोड़कर हम लोग तीन दिनों से सड़क पर आ गए हैं। बाढ़ के चलते अब तो सड़कों पर भी पानी भरने लगा है। धानापुर संवाददाता के अ़नुसार क्षेत्र का गुरैनी, नगवां, अमादपुर, नरौली, प्रहलादपुर, दीयां, प्रसहटा, गद्दोचक, बुद्धपुर, बीरासराय, जिगना आदि गांवों का संपर्क कट चुका है । जबकि नौघरा, सीतापट्टी, मुरलीपुर, हिंगुतरगढ़ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी प्रवेश कर रहा है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि पहले से कोई व्यवस्था नहीं करते और बाढ़ आते ही सुरक्षा के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाकर जनता के सच्चे सेवक होने का ढोंग करते हैं।
चहनियां संवाददाता के अनुसार बलुआ बाजार में नदी का पानी ऊपर तक आ गया है। वहीं मुकुंदपुर, पूरा विजई, पूरा गणेश, नादी, निधौरा, भूपौली, कैली, कुुरहना, रौना, महुअर समेत दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। टांडाकला संवाददाता के अनुसार तिरगांवा, हसनपुर, नदेसर, मारुफपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पीड़ितों के अनुसार कहने को तो मारुफपुर में बाढ़ चौकी बना दी गई है लेकिन इंतजाम के नाम पर कुछ नहीं हैं। क्षेत्रीय दुकानें पानी से पूरी तरह घिरे हुई हैं।
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दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार मुगलसराय तहसील के कुंडा खुर्द, भिसौड़ी, मवई कला, कुंडा कला, करवत , डांडी, बहादुरपुर, मढ़िया, चौरहट, बखरा, सहजौर, शकूराबाद, लेड़ुआपर आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं कुंडा खुर्द, कुंडा कला, मवई कला और भिसौड़ी गांवों का लोगों ने बताया कि हम लोग बाढ़ से पूरी तरह घिर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक राहत और बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए। गांव छोड़कर हम लोग तीन दिनों से सड़क पर आ गए हैं। बाढ़ के चलते अब तो सड़कों पर भी पानी भरने लगा है। धानापुर संवाददाता के अ़नुसार क्षेत्र का गुरैनी, नगवां, अमादपुर, नरौली, प्रहलादपुर, दीयां, प्रसहटा, गद्दोचक, बुद्धपुर, बीरासराय, जिगना आदि गांवों का संपर्क कट चुका है । जबकि नौघरा, सीतापट्टी, मुरलीपुर, हिंगुतरगढ़ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी प्रवेश कर रहा है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि पहले से कोई व्यवस्था नहीं करते और बाढ़ आते ही सुरक्षा के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाकर जनता के सच्चे सेवक होने का ढोंग करते हैं।
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चहनियां संवाददाता के अनुसार बलुआ बाजार में नदी का पानी ऊपर तक आ गया है। वहीं मुकुंदपुर, पूरा विजई, पूरा गणेश, नादी, निधौरा, भूपौली, कैली, कुुरहना, रौना, महुअर समेत दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। टांडाकला संवाददाता के अनुसार तिरगांवा, हसनपुर, नदेसर, मारुफपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पीड़ितों के अनुसार कहने को तो मारुफपुर में बाढ़ चौकी बना दी गई है लेकिन इंतजाम के नाम पर कुछ नहीं हैं। क्षेत्रीय दुकानें पानी से पूरी तरह घिरे हुई हैं।
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