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Chandauli News: 15 साल बाद भी सीएचसी अधूरा, खर्च हो गया पूरा बजट
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कंदवा। बरहनी में 15 वर्ष पहले सवा चार करोड़ रुपये से बनने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अब तक अधूरा है। पूरी धनराशि खर्च होने के बावजूद अस्पताल तैयार नहीं हो सका। निर्माण अधूरा रहने और सरकारी धन के घपले की शिकायत पर एसआईटी की जांच चल रही है।
सीएचसी शुरू नहीं होने का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इलाज के लिए मरीजों को 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
बरहनी विकासखंड के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 15 वर्ष पहले लगभग 4.21 करोड़ रुपये से 30 बेड के सीएचसी का निर्माण शुरू कराया गया था। इसमें मरीजों को भर्ती करने के साथ ही ओपीडी की व्यवस्था भी होनी थी। निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दी गई थी। काम शुरू तो हुआ, लेकिन भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
शासन और प्रशासन की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया, जबकि इसके लिए जारी पूरी धनराशि खर्च कर दी गई।
शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गुणवत्ता प्रबंधन और इंजीनियरों की टीम से निर्माण की जांच कराई। जांच में निर्माण कार्य मानकों के विपरीत पाया गया। इसके बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई। निर्माण निगम के कार्यदायी संस्था के खिलाफ कंदवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तब से मामला लंबित है।
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सीएचसी शुरू नहीं होने का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इलाज के लिए मरीजों को 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
बरहनी विकासखंड के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 15 वर्ष पहले लगभग 4.21 करोड़ रुपये से 30 बेड के सीएचसी का निर्माण शुरू कराया गया था। इसमें मरीजों को भर्ती करने के साथ ही ओपीडी की व्यवस्था भी होनी थी। निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दी गई थी। काम शुरू तो हुआ, लेकिन भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
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शासन और प्रशासन की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया, जबकि इसके लिए जारी पूरी धनराशि खर्च कर दी गई।
शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गुणवत्ता प्रबंधन और इंजीनियरों की टीम से निर्माण की जांच कराई। जांच में निर्माण कार्य मानकों के विपरीत पाया गया। इसके बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई। निर्माण निगम के कार्यदायी संस्था के खिलाफ कंदवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तब से मामला लंबित है।
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