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ट्रेनों में बढ़ी चौकसी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 03 Dec 2015 01:22 AM IST
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दो दिसंबर से आठ दिसंबर तक नक्सली संगठन माओवादी द्वारा स्थापना दिवस
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सप्ताह मनाने को लेकर स्थानीय रेलवे मंडल पूरी सतर्क हो गया है।
ट्रैक पर जगह-जगह सुरक्षा कर्मी तैनात नजर रख रहे हैं ताकि सुरक्षा में कोई कोर कसर बाकी न रह जाए। मंडल के सोननगर बरवाडीह सेक्शन में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही सिविल प्रशासन की भी मदद ली जा रही है।
डीआरएम ने राजधानी समेत सभी ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाने के निर्देश दिए हैं।
राजधानी एक्सप्रेस के आगे पायलट इंजन भी चलाया जाएगा।
अपनी स्थापना दिवस को माओवादी संगठन एक सप्ताह तक मनाने जा रहा है। इसकी जानकारी होते ही मंडल रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
नक्सल प्रभावित सोननगर-बरवाडीह सेक्शन में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के तैनात कर दिए गए हैं। वहीं रात्रि कालीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगे पायलट इंजन चलाने के साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए गति सीमा अधिकतम 65 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित कर दी गई है।
नक्सली बेल्ट बरवाडीह सेक्शन के बड़की सलैया, मुहम्मदगंज, जपला, नबीनगर, उंटारी रोड आदि स्टेशनों पर अतिरिक्त आरपीएफ के जवानों संग वहां के सिविल प्रशासन की भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मदद ली जा रही है।
वहीं गया-मुगलसराय मेन रूट पर आरपीएफ के जवान पूरे ट्रैक की सुरक्षा पर निगरानी रखे हुए हैं। इस बारे में मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण ने बताया कि सुरक्षा, संरक्षा और सतर्कता के इंतजाम पुख्ता हैं।
रेलकर्मी पूरी तरह सतर्क हैं। ट्रेनों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
रात्रिकालीन ट्रेनों में एस्कोर्टिंग के जवानों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। बीडी सेक्शन में रात्रिकालीन महत्वपूर्ण ट्रेनों को पेट्रोलिंग के साथ जैमर लाइट के सहारे चलाया जा रहा है। किसी घटना की आशंका हो तो तत्काल मंडल कार्यालय को सूचित करें ।
ताकि सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त की जा सके। सीनियर कमांडेंट रमेश चंद्रा ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों में आरपीएफ के जवान चेकिंग के लिए लगा दिए जाने के साथ ही प्लेटफार्मों पर सुरक्षा के मद्देनजर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
ट्रैक पर जगह-जगह सुरक्षा कर्मी तैनात नजर रख रहे हैं ताकि सुरक्षा में कोई कोर कसर बाकी न रह जाए। मंडल के सोननगर बरवाडीह सेक्शन में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही सिविल प्रशासन की भी मदद ली जा रही है।
डीआरएम ने राजधानी समेत सभी ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाने के निर्देश दिए हैं।
राजधानी एक्सप्रेस के आगे पायलट इंजन भी चलाया जाएगा।
अपनी स्थापना दिवस को माओवादी संगठन एक सप्ताह तक मनाने जा रहा है। इसकी जानकारी होते ही मंडल रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
नक्सल प्रभावित सोननगर-बरवाडीह सेक्शन में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के तैनात कर दिए गए हैं। वहीं रात्रि कालीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगे पायलट इंजन चलाने के साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए गति सीमा अधिकतम 65 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित कर दी गई है।
नक्सली बेल्ट बरवाडीह सेक्शन के बड़की सलैया, मुहम्मदगंज, जपला, नबीनगर, उंटारी रोड आदि स्टेशनों पर अतिरिक्त आरपीएफ के जवानों संग वहां के सिविल प्रशासन की भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मदद ली जा रही है।
वहीं गया-मुगलसराय मेन रूट पर आरपीएफ के जवान पूरे ट्रैक की सुरक्षा पर निगरानी रखे हुए हैं। इस बारे में मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण ने बताया कि सुरक्षा, संरक्षा और सतर्कता के इंतजाम पुख्ता हैं।
रेलकर्मी पूरी तरह सतर्क हैं। ट्रेनों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
रात्रिकालीन ट्रेनों में एस्कोर्टिंग के जवानों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। बीडी सेक्शन में रात्रिकालीन महत्वपूर्ण ट्रेनों को पेट्रोलिंग के साथ जैमर लाइट के सहारे चलाया जा रहा है। किसी घटना की आशंका हो तो तत्काल मंडल कार्यालय को सूचित करें ।
ताकि सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त की जा सके। सीनियर कमांडेंट रमेश चंद्रा ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों में आरपीएफ के जवान चेकिंग के लिए लगा दिए जाने के साथ ही प्लेटफार्मों पर सुरक्षा के मद्देनजर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।