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दफ्तरों में देर तक काम करते रहे कर्मचारी
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Fri, 01 Apr 2016 01:45 AM IST
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अपने कार्य में व्यस्त कर्मचारी ।
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वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण गुरुवार को कर्मचारी वित्तीय लेखा-जोख सहेजने और उसे पूर्ण करने में मशगूल दिखे। वित्तीय वर्ष में सरकारी योजनाओं पर हुए खर्च का ब्यौरा एकत्रित करने के साथ ही उससे जुड़े अभिलेखों को पूर्ण करने का काम कार्यालय अवधि समाप्त होने के बाद भी चलता रहा। मार्च क्लोजिंग का दबाव कर्मचारियों पर इस कदर रहा कि देर शाम तक सरकारी कार्यालयों में चहल-पहल बनी रही और काम समाप्त होने के बाद ही कर्मचारी घर गए। वहीं सबसे अधिक परेशान विकास भवन के कर्मचारी रहे। साथ ही अर्थ संख्या विभाग के कर्मचारी भी पसीना बहाते नजर आए।
विदित हो कि 31 मार्च को पूरे वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा पूर्ण कर लिया जाता है, ताकि एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष में नए सिरे से शुरू किया जा सके। इसी कड़ी में बीते एक सप्ताह से कर्मचारी सरकारी खर्चों का ब्योरा जुटाने के साथ ही उससे सम्बन्धित अभिलेखों को कोषागार में जमा करने के काम जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2015-16 का अंतिम दिन होने के कारण कर्मचारियों पर काफी दबाव दिखा। आलम यह था कि कलेक्ट्रेट सहित विकास भवन, कोषागार, सेवायोजन, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में कर्मचारी अपने-अपने काम को मूर्त रूप देने में पूरी तन्मयता से जुटे रहे। सरकारी योजनाओं व कार्यक्रम पर खर्च हुए धनराशि से जुड़े अभिलेखों को दुरूस्त करने के साथ ही उसे सहेजने का काम देर शाम तक चला। जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में देर रात तक कर्मचारी व अधिकारी काम करते नजर आए।
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विदित हो कि 31 मार्च को पूरे वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा पूर्ण कर लिया जाता है, ताकि एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष में नए सिरे से शुरू किया जा सके। इसी कड़ी में बीते एक सप्ताह से कर्मचारी सरकारी खर्चों का ब्योरा जुटाने के साथ ही उससे सम्बन्धित अभिलेखों को कोषागार में जमा करने के काम जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2015-16 का अंतिम दिन होने के कारण कर्मचारियों पर काफी दबाव दिखा। आलम यह था कि कलेक्ट्रेट सहित विकास भवन, कोषागार, सेवायोजन, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में कर्मचारी अपने-अपने काम को मूर्त रूप देने में पूरी तन्मयता से जुटे रहे। सरकारी योजनाओं व कार्यक्रम पर खर्च हुए धनराशि से जुड़े अभिलेखों को दुरूस्त करने के साथ ही उसे सहेजने का काम देर शाम तक चला। जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में देर रात तक कर्मचारी व अधिकारी काम करते नजर आए।
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