{"_id":"641602de5dd18cbfcc0c2bb6","slug":"electricity-failure-for-fifty-hours-outcry-for-water-chandauli-news-c-20-1-109676-2023-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: पचास घंटे से बिजली गुल, पानी के लिए हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: पचास घंटे से बिजली गुल, पानी के लिए हाहाकार
विज्ञापन
बिजलीकर्मियों की हड़ताल से जिले में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता हैं। जिले के करीब 600 गांवों बिजली गुल है। कहीं 50 तो कहीं 25 घंटे से आपूर्ति ठप है। इससे पेयजल की किल्लत पैदा हो गई है। नगरीय क्षेत्र में भी शनिवार की दोपहर बाद से बिजली का संकट खड़ा हो गया है। चंदासी उपकेंद्र के चार फीडरों की आपूर्ति तीन बजे के ठप है। बताया गया कि कर्मचारियों ने एकबार फिर आपूर्ति ठप कर दी है। अधीक्षण अभियंता को छोड़कर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के मोबाइल बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को गड़बड़ी के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। बिजली कटौती से क्षुब्ध उपभोक्ताओं ने कई जगह धरना-प्रदर्शन किए। जिले में बिजली आपूर्ति की कमान जिला प्रशासन के हाथों में सौंप दी गई है। अधिकारी उपकेंद्रों पर तैनात हैं लेकिन तकनीकी कर्मचारियों के अभाव में वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
शिकारगंज क्षेत्र के जागेश्वरनाथ विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति अहरौरा से बंद हो गई है। पठारी क्षेत्र में हैंडपंपों और कुओं का पानी सूख गया है। बिजली बंद होने से पेयजल की आपूर्ति ही नहीं हो पा रही है।उपकेंद्र से संचालित सिकंदरपुर, शिकारगंज, बैरी व अमरा फीडर से जुड़े सैकड़ों गांव की सप्लाई 24 घंटे से अधिक समय से बंद है। चकिया ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उतरौत, सैदुपुर, मूसाखाड व गरला फीडर से 24 घंटों से ऊपर विद्युत सप्लाई ठप होने से नागरिकों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। हड़ताल के कारण विद्युत कर्मचारी भूमिगत हो गए हैं। इससे बिजली संचालन ठप हो गया है। क्षेत्रों पेयजल की किल्लत हो गई है। अमड़ा पावर हाउस बंद होने से कस्बा सहित कुछ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। कमालपुर व डबरिया उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में आपूर्ति सामान्य है। सकलडीहा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
पड़ाव क्षेत्र के रतनपुर व डुमरी गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं शनिवार की सुबह पड़ाव क्षेत्र की भी बिजली गुल हो गई। इससे पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। इलिया क्षेत्र में 24 घंटे से ज्यादा से विद्युत आपूर्ति बाधित है।
विज्ञापन
सैयदराजा के बगही व सेरुका फीडर से जुड़े सौ गांवों व नगर की बृहस्पतिवार की रात से ही बिजली आपूर्ति ठप है। इससे इन फ़ीडरों से जुड़े लगभग सौ गांव व नगर के लोग पानी के लिए परेशान हैं। लगभग 50 घंटे से बिजली गुल रहने से मोबाइल,इनवर्टर आदि जवाब दे गए हैं। 50 घंटे से लाइट न मिलने की वजह से लोगों के लिए मोबाइल चार्ज करने की समस्या भी हो रही है। कारोबार पर भी कटौती का असर पड़ा है। आटा चक्कियां नहीं चल पा रही हैं।
बिजली कटौत के खिलाफ सड़क पर उतरे
शिकारगंज / टांडाकला। बिजली और पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम किया। जागेश्वरनाथ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सैकड़ों गांव की विद्युत सप्लाई 24 घंटे से ठप है। इससे नाराज क्षेत्र के लोगों ने शनिवार को चकिया-अहरौरा मार्ग जाम कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि बिजली न रहने से क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। इससे नागरिकों और पशुओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। जल्द ही बिजली व्यवस्था सुचारु रुप से चालू नहीं होने पर पेयजल की किल्लत से लोगों के सामने भारी मुसीबत बन सकती है। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व प्रधान कमलेशपति कुशवाहा, डॉ. महेंद्रनाथ, रवि प्रकाश मिश्रा, गणेश मौर्य, श्यामसुंदर, शिव प्रकाश विश्वकर्मा, रामअवतार, रामनरेश, अभय सिंह, संतोष सिंह, सुदामा सिंह, चंद्रजीत यादव, विमलेश, रामसेवक, जयशंकर, कृष्णा सिंह, हिम्मत बहादुर सिंह आदि रहे।
टांडा कला क्षेत्र के लोगों ने शनिवार को कस्बा में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इन्वर्टर जवाब दे गए हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मौसम भी खराब होनेसे सौर ऊर्जा की बैटरी भी चार्ज नहीं हो पा रही है। शुक्रवार की सुबह ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई जो शनिवार की शाम तक बहाल नहीं हुई है। प्रदर्शन करने वालों में संजय गुप्ता, कुंदन प्रजापति, रमेश बागी, डॉ जितेंद्र प्रजापति, कल्लू प्रजापति, सोनू गुप्ता, प्रकाश निषाद, लक्ष्मी चौरसिया, सुदर्शन गोंड, मुनिवर प्रजापति, विनय जयसवाल, संतोष यादव, प्रभु प्रजापति, दीपक जायसवाल आदि मौजूद रहे।
बिजली के बिना 15 औद्योगिक इकाइयां ठप
नियामताबाद। औद्योगिक क्षेत्र फेज वन में शुक्रवार की रात नौ बजे से अब तक एक फीडर की आपूर्ति बहाल नहीं होने से 15 इकाइयों का उत्पादन ठप है। शनिवार को उपजिलाधिकारी अविनाश कुमार की उपस्थिति में एक घंटे के प्रयास किया गया लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रामनगर इंडस्ट्रियल एसोशिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्र ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों की शुक्रवार को आपूर्ति ठप होने पर डीएम निखिल टी फुंडे के प्रयास से एक फीडर छोड़ कर सभी इकाइयों की आपूर्ति बहाल कर दी गई। महामंत्री राकेश जायसवाल ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांग रखने का सबको अधिकार है लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से आर्थिक क्षति हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र में अभी 15 इकाइयों का उत्पादन ठप है। उपाध्यक्ष सुरेश पटेल ने कहा कि बिजलीकर्मियों की हड़ताल से व्यवस्था चरमरा गई है । उद्यमी शैलेंद्र सिंह पप्पू ने बताया कि रात से ही आपूर्ति है और सबी कार्य बंद हैं।
विज्ञापन
शिकारगंज क्षेत्र के जागेश्वरनाथ विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति अहरौरा से बंद हो गई है। पठारी क्षेत्र में हैंडपंपों और कुओं का पानी सूख गया है। बिजली बंद होने से पेयजल की आपूर्ति ही नहीं हो पा रही है।उपकेंद्र से संचालित सिकंदरपुर, शिकारगंज, बैरी व अमरा फीडर से जुड़े सैकड़ों गांव की सप्लाई 24 घंटे से अधिक समय से बंद है। चकिया ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उतरौत, सैदुपुर, मूसाखाड व गरला फीडर से 24 घंटों से ऊपर विद्युत सप्लाई ठप होने से नागरिकों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। हड़ताल के कारण विद्युत कर्मचारी भूमिगत हो गए हैं। इससे बिजली संचालन ठप हो गया है। क्षेत्रों पेयजल की किल्लत हो गई है। अमड़ा पावर हाउस बंद होने से कस्बा सहित कुछ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। कमालपुर व डबरिया उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में आपूर्ति सामान्य है। सकलडीहा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
विज्ञापन
पड़ाव क्षेत्र के रतनपुर व डुमरी गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं शनिवार की सुबह पड़ाव क्षेत्र की भी बिजली गुल हो गई। इससे पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। इलिया क्षेत्र में 24 घंटे से ज्यादा से विद्युत आपूर्ति बाधित है।
विज्ञापन
सैयदराजा के बगही व सेरुका फीडर से जुड़े सौ गांवों व नगर की बृहस्पतिवार की रात से ही बिजली आपूर्ति ठप है। इससे इन फ़ीडरों से जुड़े लगभग सौ गांव व नगर के लोग पानी के लिए परेशान हैं। लगभग 50 घंटे से बिजली गुल रहने से मोबाइल,इनवर्टर आदि जवाब दे गए हैं। 50 घंटे से लाइट न मिलने की वजह से लोगों के लिए मोबाइल चार्ज करने की समस्या भी हो रही है। कारोबार पर भी कटौती का असर पड़ा है। आटा चक्कियां नहीं चल पा रही हैं।
बिजली कटौत के खिलाफ सड़क पर उतरे
शिकारगंज / टांडाकला। बिजली और पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम किया। जागेश्वरनाथ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सैकड़ों गांव की विद्युत सप्लाई 24 घंटे से ठप है। इससे नाराज क्षेत्र के लोगों ने शनिवार को चकिया-अहरौरा मार्ग जाम कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि बिजली न रहने से क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। इससे नागरिकों और पशुओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। जल्द ही बिजली व्यवस्था सुचारु रुप से चालू नहीं होने पर पेयजल की किल्लत से लोगों के सामने भारी मुसीबत बन सकती है। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व प्रधान कमलेशपति कुशवाहा, डॉ. महेंद्रनाथ, रवि प्रकाश मिश्रा, गणेश मौर्य, श्यामसुंदर, शिव प्रकाश विश्वकर्मा, रामअवतार, रामनरेश, अभय सिंह, संतोष सिंह, सुदामा सिंह, चंद्रजीत यादव, विमलेश, रामसेवक, जयशंकर, कृष्णा सिंह, हिम्मत बहादुर सिंह आदि रहे।
टांडा कला क्षेत्र के लोगों ने शनिवार को कस्बा में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इन्वर्टर जवाब दे गए हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मौसम भी खराब होनेसे सौर ऊर्जा की बैटरी भी चार्ज नहीं हो पा रही है। शुक्रवार की सुबह ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई जो शनिवार की शाम तक बहाल नहीं हुई है। प्रदर्शन करने वालों में संजय गुप्ता, कुंदन प्रजापति, रमेश बागी, डॉ जितेंद्र प्रजापति, कल्लू प्रजापति, सोनू गुप्ता, प्रकाश निषाद, लक्ष्मी चौरसिया, सुदर्शन गोंड, मुनिवर प्रजापति, विनय जयसवाल, संतोष यादव, प्रभु प्रजापति, दीपक जायसवाल आदि मौजूद रहे।
बिजली के बिना 15 औद्योगिक इकाइयां ठप
नियामताबाद। औद्योगिक क्षेत्र फेज वन में शुक्रवार की रात नौ बजे से अब तक एक फीडर की आपूर्ति बहाल नहीं होने से 15 इकाइयों का उत्पादन ठप है। शनिवार को उपजिलाधिकारी अविनाश कुमार की उपस्थिति में एक घंटे के प्रयास किया गया लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रामनगर इंडस्ट्रियल एसोशिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्र ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों की शुक्रवार को आपूर्ति ठप होने पर डीएम निखिल टी फुंडे के प्रयास से एक फीडर छोड़ कर सभी इकाइयों की आपूर्ति बहाल कर दी गई। महामंत्री राकेश जायसवाल ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांग रखने का सबको अधिकार है लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से आर्थिक क्षति हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र में अभी 15 इकाइयों का उत्पादन ठप है। उपाध्यक्ष सुरेश पटेल ने कहा कि बिजलीकर्मियों की हड़ताल से व्यवस्था चरमरा गई है । उद्यमी शैलेंद्र सिंह पप्पू ने बताया कि रात से ही आपूर्ति है और सबी कार्य बंद हैं।