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भक्ति यम-नियम व भाव से हो : आचार्य शांतनु
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चकिया। क्षेत्र के मुरारपुर में प्राचीन बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि भक्ति यम-नियम और भाव से होनी चाहिए। उन्होंने कथा के माध्यम से भक्ति की गूढ़ता पर प्रकाश डालते हुए उसके गुण से लोगों को परिचित कराया।
कहा कि मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए सनातन धर्मावलंबी सुबह आराध्य का पूजन करते हैं। हर कोई किसी न किसी देवी-देवता का पूजन करके दिन की शुरुआत करते हैं। कहा कि नियम की अनदेखी करने पर परमात्मा प्रसन्न नहीं होते। इसी कारण उसका सार्थक फल लोगों को नहीं मिलता। उन्हाेंने कहा कि अधिकतर व्यक्ति उससे अनभिज्ञ होते हैं। बताते हैं कि नियम विहीन भक्ति का कोई अर्थ नहीं होता। ऐसे में हर व्यक्ति को पूजन के दौरान जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
उन्होंने भोजपुरी गीत कहे के त सब केहू आपन, आपन कहावे वाला के बा, सुखवा में सब केहू साथी दुखवा मिटावे वाला के बा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, डॉ. गीता शुक्ला, परशुराम सिंह, तारकेश्वर मिश्र आदि मौजूद रहे।
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कहा कि मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए सनातन धर्मावलंबी सुबह आराध्य का पूजन करते हैं। हर कोई किसी न किसी देवी-देवता का पूजन करके दिन की शुरुआत करते हैं। कहा कि नियम की अनदेखी करने पर परमात्मा प्रसन्न नहीं होते। इसी कारण उसका सार्थक फल लोगों को नहीं मिलता। उन्हाेंने कहा कि अधिकतर व्यक्ति उससे अनभिज्ञ होते हैं। बताते हैं कि नियम विहीन भक्ति का कोई अर्थ नहीं होता। ऐसे में हर व्यक्ति को पूजन के दौरान जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
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उन्होंने भोजपुरी गीत कहे के त सब केहू आपन, आपन कहावे वाला के बा, सुखवा में सब केहू साथी दुखवा मिटावे वाला के बा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, डॉ. गीता शुक्ला, परशुराम सिंह, तारकेश्वर मिश्र आदि मौजूद रहे।
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